February 3, 2026

शराब घोटाले में चैतन्य बघेल को मिले 16 करोड़ रुपये से अधिक, ईडी ने जारी किया बयान…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में ईडी की कार्रवाई जारी है. 18 जुलाई शुक्रवार को ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के 4 दिन बाद ईडी ने अपनी प्रतिक्रिया जारी की है. ईडी ने बताया कि शराब घोटाले में यह कार्रवाई पीएमएलए 2022 के तहत की गई है.

मंगलवार को कोर्ट में होगी चैतन्य बघेल की पेशी: मंगलवार को चैतन्य बघेल का रिमांड पूरा होने जा रहा है. इस दिन भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को फिर से रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा. प्रवर्तन निदेशालय ने प्रेस विज्ञप्ति की जारी कर बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने 16 करोड़ 70 लाख रुपए की अवैध कमाई को कहां इन्वेस्ट किया.

ईडी ने बताया, 2500 करोड़ की अवैध आय अर्जित की गई : प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि “प्रवर्तन निदेशालय की जांच में एसीबी ईओडब्ल्यू रायपुर के द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई. मामले के आधार पर आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह बात सामने आई कि साल 2019 से साल 2020 के बीच हुए शराब घोटाले से राज्य सरकार को भारी वित्तीय नुकसान हुआ और लगभग 2500 करोड रुपए की अवैध आय अर्जित की गई.

चैतन्य बघेल पर ईडी के गंभीर आरोप: ईडी ने जांच के बाद दावा किया है कि चैतन्य बघेल ने 16 करोड़ 70 लाख रुपए की अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट मे इन्वेस्ट किया.उन्होंने यह पैसा नगद में ठेकेदारों को भुगतान फर्जी बैंक एंट्री और फ्लैट खरीदी के बहाने से उपयोग किया.वह त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर विट्ठलपुरम नामक परियोजना में फर्जी फ्लैट खरीद की योजना बनाकर 5 करोड रुपए प्राप्त करने के आरोप में भी घिरे हैं.

ईडी के मुताबिक इन फ्लैटों को त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर खरीदा गया था, लेकिन असली लाभार्थी चैतन्य ही थे. जांच में यह भी पाया गया कि चैतन्य ने इस घोटाले से जुड़े 1000 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध धनराशि को हैंडल किया. ईडी ने अपनी विज्ञप्ति में यह भी कहा कि उन्होंने अनवर ढेबर और अन्य के माध्यम से इसे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष तक पहुंचाया गया. यह राशि बघेल परिवार के करीबी लोगों द्वारा आगे इन्वेस्ट के लिए प्रयोग की गई.

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