January 22, 2026

कई देशों की GDP से ज्यादा तो हम हिंदुस्तानी कटवा लेते हैं चालान, ये रहा सबूत

CHALAN CHALISA11

रायपुर। ट्रैफिक नियमों को तोड़ने के मामले में भारतीय कितने आगे हैं. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल 2024 में पूरे देश में 12,000 करोड़ रुपये के ट्रैफिक चालान काटे गए हैं. यह आंकड़ा कई छोटे देशों की GDP से भी ज्यादा है. इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि 12,000 करोड़ रुपये में से सिर्फ 25 फीसदी चालान का भुगतान किया गया है, जबकि अब तक ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले लोगों पर 9,000 करोड़ बकाया है, जिनका भुगतान नहीं किया गया है. ये बात CARS24 की रिपोर्ट में सामने आई है. बता दें कि जिन देशों की GDP 12,000 हजार करोड़ से कम है. इसमें वानूआतू, समोआ, डोमिनिका , पलाउ और किरिबाती जैसे देश आते हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में रहने वाले 140 करोड़ लोगों में से केवल 11 करोड़ के पास ही वाहन है. ये दिखाता है कि आबादी का एक छोटा हिस्सा बड़ी संख्या में नियमों को तोड़ने के लिए जिम्मेदार है. इससे यातायात अनुशासन और जवाबदेही के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं. कई ड्राइवर यातायात नियमों का पालन तभी करते हैं जब कोई पुलिसकर्मी मौजूद होता है. यह दिखाता है कि आदत के बजाय लोग सिर्फ डर की वजह से ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं.

पुलिस की वजह से करते हैं नियमों का पालन
सर्वे में जब लोगों 43.9% लोगों ने दावा किया कि वे पुलिस की मौजूदगी की होने पर ही यातायात नियमों का पालन करते हैं. 31.2% लोग ऐसे थे जिन्होंने कहा कि वे ड्राइविंग करते वक्त देख लेते हैं तो अगर कोई पुलिस या ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद होता है तो वे सही से ड्राइविंग करते हैं. हालांकि, 17.6% लोग ऐसे भी हैं, जो जुर्माना से बचने के लिए हमेशा नियमों का पालन करते हैं. ये आंकड़ा इस बात को दिखाता है कि जब तक चौराहों पर पुलिस मौजूद न हो तो कई पुलिस ट्रैफिक नियमों का पालन ही नहीं करेंगे.

चालान से बचने के लिए लोग बदल लेते हैं रास्ता
सर्वे में ये भी पता चला है कि लोग ट्रैफिक पुलिस को देखकर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं. 51.3% लोगों ने कहा कि वे तुरंत अपनी स्पीड चेक करते हैं और देखते हैं कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं. 34.6% लोगों ने कहा कि वे सहज रूप से धीमी गति से गाड़ी चलाते हैं, भले ही वे कोई नियम न तोड़ रहे हों. इस बीच 12.9% लोगों ने कहा कि वे या तो अपना ड्राइविंग व्यवहार बदल देते हैं या पकड़े जाने से बचने के लिए रास्ता ही बदल लेते हैं.

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