January 23, 2026

‘3100 में धान खरीदी से किसानों को होगा प्रति एकड़ 3906 रुपये का नुकसान’, कांग्रेस की मांग 3286 रुपये हो समर्थन मूल्य

FARZI DHAN11

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सरकार ने घोषणा कर दी है। इस बार राज्य में 15 नवंबर से धान खरीदी की जाएगी। सरकार की घोषणा के साथ ही विपक्ष हमलावर हो गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों की मांग को नजर अंदाज किया गया है। उनकी मांग थी कि धान खरीदी 1 नवंबर से की जाए। लेकिन मुख्यमंत्री ने घोषणा किया कि इस वर्ष धान खरीदी 15 नवंबर से 3100 रुपये प्रति क्विंटल के दर से होगी।

किसानों को होगा नुकसान
दीपक बैज ने कहा कि जिस प्रकार से समर्थन मूल्य दो सालों में बढ़ा है। 117 और 69 रुपये उस हिसाब से धान की खरीदी 3286 रुपये प्रति क्विंटल में होनी चाहिए़। सरकार 3100 रुपये में धान खरीदने जा रही है। सरकार प्रति एकड़ 21 क्विंटल की धान खरीदी करेगी। इससे किसानों का प्रति एकड़ 21 क्विंटल के हिसाब से 3906 रुपये का नुकसान होगा। कुल 160 लाख मीट्रिक टन की खरीदी में लगभग 2900 करोड़ रुपये सरकार किसानों का दबा लेगी।

दीपक बैज ने कहा कि सरकार के तरफ से बयान आया है कि अभी तक 21 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जबकि पिछले साल लगभग 28 लाख किसानों ने धान बेचा था। मतलब अभी तक 7 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। एग्री स्टेक पंजीयन में आ रही परेशानी के कारण किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। जिनका एग्री स्टेक पोर्टल में पंजीयन नहीं हो पा रहा उनका सोसायटी के माध्यम से पंजीयन कराया जाए। सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया है कि 25 लाख किसानों से धान खरीदेंगे मतलब इस साल सरकार की नीयत पूरे किसानों से धान खरीदी करने की नहीं है।

प्रदेश में नकली कफ सिरप धड़ल्ले से बिक रहा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नकली कफ सिरप और दवाइयां धड़ल्ले से बिक रही। सरकार के पास गुणवत्ता जांचने की सुविधा ही नहीं। सिरप और दवाओं में केमिकल जांचने वाली मशीन दो माह से बंद पड़ी है। स्वास्थ्य मंत्री झूठ बोल रहे कि प्रदेश में नकली कफ सिरप नहीं बिक रहा। जब आप जांच ही नहीं पा रहे कि बाजार में बिकने वाली दवा सही है या गलत फिर दावा कैसे कर सकते है? स्वास्थ्य मंत्री गलत बयानी कर लोगों की जान से खेल रहे। स्वास्थ्य मंत्री की लापरवाही कही राज्य के लोगों पर भारी न पड़ जाए।

बिजली कटौती बड़ी समस्या बन गई है
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार की नाकामी लापरवाही और मुनाफाखोरी वाली नीति के कारण प्रदेश के लोगों के लिए बिजली कटौती और मंहगी बिजली बड़ी समस्या बन गई है। राज्य बनने के बाद प्रदेश में बिजली के दाम सबसे ज्यादा वर्तमान समय में है। सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया जिससे लोगों के बिजली के बिल दोगुना से भी अधिक आ रहा।

महंगी बिजली के बाद भी सरकार जनता को 24 घंटे बिजली नहीं उपलब्ध करवा पा रही। ग्रामीण क्षेत्र में आठ-नौ घंटे तक हो रही बिजली कटौती से जनता परेशान हो रही, लोग बिजली कटौती के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर है।

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