CG : SIR पर बोले सांसद बृजमोहन अग्रवाल – रायपुर में ठीक से SIR सर्वे हुआ तो एक लाख वोटर्स के नाम कटेंगे
रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश भर में मतदाता सूची के सत्यापन के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहे इस सर्वे में मतदाताओं के नाम, पते और पहचान का मिलान किया जा रहा है। सर्वे के दौरान ऐसे नाम चिह्नित किए जा रहे हैं, जो या तो दोहरी प्रविष्टियों में दर्ज हैं या अब संबंधित क्षेत्र में नहीं रहते हैं।
रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने SIR की प्रक्रिया को सही बताया है। उन्होंने कहा कि, SIR की जांच पूरी ईमानदारी से होगी तो रायपुर से एक लाख मतदाताओं के नाम हट जाएंगे। ये वो मतदाता है, जो रायपुर छोड़ चुके है या उनकी मौत हो चुकी है। सांसद ने फर्जी मतदाताओं के नाम काटने की बात कही है।
दीपक बैज का पलटवार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने तंज कसा, “बृजमोहन जी ने खुद कबूल कर लिया कि रायपुर में एक लाख फर्जी वोटर हैं! यही हम सालों से चिल्ला रहे थे. अब भाजपा की पोल खुल गई.” बैज ने ऐलान किया, “कांग्रेस 400 टीमें बना रही है. हर जिले में SIR मॉनिटरिंग सेल. एक महीने की समय-सीमा काफी नहीं, हम हाईकमान से और वक्त मांगेंगे.”
निर्वाचन आयोग की अपील
राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार बोले, “हर नागरिक 15 दिसंबर तक BLO से मिलकर अपना नाम-पता चेक कर लें. फॉर्म-6, 7, 8 ऑनलाइन या ऑफलाइन जमा करें.” हेल्पलाइन 1950 पर 24×7 सहायता.
आंकड़ों की जंग
2024 की सूची में रायपुर अर्बन में 22.40 लाख मतदाता. SIR में 1.80 लाख नए नाम जुड़ने, 1.10 लाख कटने का अनुमान. पूरे प्रदेश में 42 हजार BLO घर-घर पहुंच रहे हैं.
SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल, समय बढ़ाने की मांग
पीसीसी चीफ ने SIR (Systematic Identification of Residents) प्रक्रिया को लेकर भी अपनी चिंताएं ज़ाहिर कीं. उन्होंने कहा कि BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को घर-घर पहुंचने के लिए केवल एक महीने का समय दिया गया है, जबकि इसके लिए न तो फॉर्म उपलब्ध हैं और न ही BLO की ट्रेनिंग हुई है. उन्होंने कहा कि नवंबर में किसान धान की कटाई के लिए खेतों में व्यस्त रहेंगे, और इसके बाद धान खरीदी का समय शुरू हो जाएगा, ऐसे में घरों पर कोई नहीं मिलेगा, तो सत्यापन कैसे होगा? उन्होंने यह भी कहा कि अबूझमाड़ जैसे क्षेत्रों में राजस्व सर्वे तक नहीं हुआ है, ऐसे में वहां SIR करना असंभव है. उन्होंने चुनाव आयोग से समय-सीमा बढ़ाने की मांग की ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम न काटा जाए.
