January 10, 2026

4 पत्रकारों को 5 दिन की जेल… विशेषाधिकार समिति ने आखिर क्यों की ये सिफारिश

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मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति ने विधायक (एमएलसी) अमोल मिटकरी की छवि को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने और उनके खिलाफ झूठी व मनगढ़ंत खबरें चलाने के आरोप में चार पत्रकारों को पांच दिन की जेल की सजा देने की सिफारिश की है. हालांकि, एक संपादक को माफी मांगने के बाद सजा से राहत दी गई है.

शनिवार को विधान परिषद में रिपोर्ट पेश करते हुए समिति के अध्यक्ष प्रसाद लाड ने बताया कि सत्य लाधा नामक यूट्यूब चैनल से जुड़े पत्रकारों ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अमोल मिटकरी के खिलाफ झूठी खबरें प्रसारित की थीं.

पत्रकारों पर लगा बदनाम करने का आरोप
प्रसाद लाड ने सदन को जानकारी दी कि अकोला के पत्रकार गणेश सोनावणे, हर्षदा सोनावणे, अमोल नांदुरकर, अंकुश गावंडे और संपादक सतीश देशमुख पर झूठी खबरें फैलाने और अमोल मिटकरी की सार्वजनिक व राजनीतिक छवि को बदनाम करने का आरोप है. इस मामले में समिति ने पांचों मीडिया कर्मियों को पांच दिन की कैद की सिफारिश की थी. उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर समिति की कुल छह बैठकें हुईं.

एक संपादक ने मांगी माफी तो मिली राहत
हालांकि, जांच के बाद संपादक सतीश देशमुख ने अमोल मिटकरी से लिखित माफी मांगी, जिसे समिति ने स्वीकार कर लिया. इसके बाद उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने का प्रस्ताव रखा गया.

समिति ने शेष चार पत्रकारों को राज्य विधानमंडल के चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान पांच दिन की कैद देने की सिफारिश की है. यदि मौजूदा सत्र में यह संभव नहीं हो पाया, तो यह निर्णय अगले सत्र में लागू करने का प्रस्ताव है. यह रिपोर्ट अमोल मिटकरी द्वारा पांचों पत्रकारों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दाखिल किए जाने के बाद सामने आई है.

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