अमेरिका ने 123% टैक्स लगाकर भारत को चौंकाया, इस सेक्टर के लिए दरवाजे लगभग बंद
नई दिल्ली। अमेरिका ने अचानक भारत को बड़ा झटका दिया है। भारत से आयात होने वाले सोलर सेल और मॉड्यूल पर 123.04 फीसदी की शुरुआती एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है। इस कदम से एक अहम एक्सपोर्ट मार्केट में शिपमेंट पर और रोक लग सकती है। हालांकि, इसका तुरंत असर शायद कम ही हो। कारण है कि कंपनियों ने अपने कारोबार को अलग-अलग जगहों पर फैला लिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।
अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट ने कहा कि उसे अपनी जांच में ‘क्रिटिकल सरकम्सटेंसेज’ (गंभीर हालात) मिले हैं। इस जांच में मुंद्रा सोलर एनर्जी, मुंद्रा सोलर PV, कोवा और प्रीमियर एनर्जी जैसी कंपनियां शामिल थीं। विभाग ने यह भी कहा कि लिक्विडेशन पर रोक उस ऑर्डर के पब्लिश होने से 90 दिन पहले तक के शिपमेंट पर भी लागू होगी।
इंडस्ट्री ने जांच के नतीजों को बताया गलत
भारत की सोलर इंडस्ट्री ने इस फैसले की आलोचना की है। नेशनल सोलर एनर्जी फेडरेशन ऑफ इंडिया (NSEFI) के सीईओ सुब्रह्मण्यम पुलिपाका ने कहा, ‘जांच के नतीजे बुनियादी तौर पर गलत और बिना किसी तर्कसंगत आधार के लगते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि NSEFI ने इस फैसले को चुनौती देने के लिए औपचारिक तौर पर अपनी बात रखनी शुरू कर दी है।
इंडियन सोलर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के सेक्रेटरी जनरल अमित मनोहर ने कहा कि इंडस्ट्री इस कदम को आगे भी चुनौती देगी। उन्होंने कहा, ‘हम अंतिम फैसले और ITC की कार्यवाही के जरिए इसका विरोध करेंगे। हमें उम्मीद है कि नतीजा हमारे पक्ष में ही आएगा।’
पहले से ही भारी टैरिफ का बोझ
इस नई ड्यूटी के जुड़ने से पहले से लागू 125% से ज्यादा की काउंटरवेलिंग ड्यूटी और बढ़ गई है। इससे भारतीय सोलर एक्सपोर्ट पर कुल टैरिफ का बोझ 200% से भी ज्यादा हो गया है। इससे अमेरिका को शिपमेंट भेजना अब फायदे का सौदा नहीं रह गया है। इंडस्ट्री के अधिकारियों ने ईटी को यह जानकारी दी।
इंडस्ट्री के एक अधिकारी ने कहा, ‘टैरिफ के इतने भारी बोझ की वजह से भारतीय मॉड्यूल के लिए अमेरिकी बाजार के दरवाजे लगभग बंद ही हो गए हैं।’
डायवर्सिफिकेशन से असर हुआ कम
इतने भारी टैरिफ के बावजूद एक्सपोर्ट करने वालों ने पिछले कुछ सालों में यूरोप, पश्चिम एशिया और दूसरे उभरते हुए इलाकों जैसे दूसरे बाजारों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। इससे इस फैसले का तुरंत पड़ने वाला बुरा असर काफी हद तक कम हो गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं। हाल ही में दोनों देशों के बीच वॉशिंगटन में तीन दिनों की बातचीत का एक दौर पूरा हुआ है।
बीएसई पर वारी एनर्जीज के शेयर 2.7% गिरकर 3,320 रुपये पर बंद हुए। जबकि विक्रम सोलर के शेयरों में 2.3% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, प्रीमियर एनर्जीज ने शुरुआती नुकसान से उबरते हुए 1% की बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया।
