January 29, 2026

‘स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान करने से नहीं रोका गया’, शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा- गलत तरीके से पेश किया गया मामला

shanrachary

दुर्ग। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के मामले में गोवर्धन मठ, पुरी के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने बड़ा बयान दिया है। उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को माघ मेले में गंगा स्नान के लिए नहीं रोका गया था।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने तामझाम के कारण होने वाली अव्यवस्था के कारण उन्हें रोका था। शंकराचार्य निश्चलानंद ने कहा कि इस पूरे मामले को गलत तरीके से पेश किया गया। बता दें कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज माघ मेला छोड़ दिया है। वह काशी चले गए हैं। बुधवार को उन्होंने कहा कि मन इतना व्यथित है कि हम बिना स्नान किए ही विदा ले रहे हैं।

दुर्ग पहुंचे हैं शंकराचार्य
दरअसल, निश्चलानंद हिंदू राष्ट्र अभियान के लिए छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे हैं। हिन्दू राष्ट्र अभियान के तीसरे चरण में वह दुर्ग जिले के दौरे पर पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर उनके स्वागत के लिए बड़ी भीड़ पहुंची थी। शंकराचार्य निश्चलानंद यहां भक्तों से मिलेंगे और आध्यात्मिक ज्ञान पर प्रवचन करेंगे। इसके साथ ही हिन्दू राष्ट्र अभियान के बारे में जानकारी देंगे।

क्या है पूरा विवाद
दरअसल, 18 जनवरी को माघ मेले में स्नान के अविमुक्तेश्वरानंद जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने उनकी पालकी को रोक दिया। पालकी रोके जाने के विरोध में धक्का मुक्की हुए। शंकराचार्य के शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई, शिखा पकड़कर घसीटने और मारपीट का आरोप प्रशासन पर लगाया। इसके बाद शंकराचार्य शिविर के बाहर धरने पर बैठे।

जिसके बाद प्रशासन ने शंकराचार्य को दो नोटिस दिए। प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद से शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा, जिनका अविमुक्तेश्वरानंद ने जवाब दिया। सीएम योगी ने बिना नाम लिए ‘कालनेमि’ कहा, जिससे विवाद और गहरा गया। जवाब में अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी की तुलना कालनेमि और औरंगजेब से कर दी।

मुख्य खबरे

error: Content is protected !!