BJP शासन में गज़ब हो गया : 14 हजार से ज्यादा पुरुषों ने ले लिया लाडली बहना योजना का लाभ, मचा हड़कंप
मुंबई। महाराष्ट्र में लाडली बहना योजना लगभग एक साल पहले शुरू की गई थी। पात्र महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने देने वाली इस लाडली बहना योजना का कई अपात्र महिलाओं ने भी लाभ उठाया। जरूरतमंद महिलाओं के लिए शुरू की गई इस योजना का लाभ सरकारी कर्मचारी महिलाओं ने भी उठाया और एक के बाद एक कई अपात्र महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया। लेकिन अब इस योजना को लेकर चौंकाने वाली बात सामने आई है। महाराष्ट्र में कई पुरुष भी लाडली बहना योजना का लाभ उठा रहे हैं। इस योजना में यह सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है।
लाडली बहना योजना का कितने पुरुषों ने उठाया लाभ?
लाडली बहना योजना का 14,298 पुरुषों ने लाभ उठाया। उन्हें 21.44 करोड़ रुपये दिए गए। यह योजना अगस्त 2024 से शुरू की गई थी। योजना के लाभार्थियों की जांच के दौरान यह बात सामने आई। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के आंकड़ों की जांच करने पर और भी चौंकाने वाली बातें सामने आईं। 2 लाख 36 हजार 14 लाभार्थियों के नाम संदिग्ध हैं। संदेह है कि ये पुरुष हैं और उन्होंने महिलाओं के नाम पर लाभ लिया होगा। इस योजना का लाभ लेने वाले 14,298 पुरुषों को मिलने वाला 1,500 रुपये का मासिक भत्ता अब बंद कर दिया गया है। योजना में हुए घोटाले से कई सवाल उठे हैं। अब यह पता लगाने के लिए दस्तावेजों की जांच की जा रही है कि पुरुषों ने आवेदन कैसे किया और महिलाओं की योजना से पैसे कैसे प्राप्त किए?
कई अपात्र महिलाएं
इसी तरह, नियमों के अनुसार, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलता है। फिर भी 2 लाख 87 हज़ार 803 बुजुर्ग महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया। इन महिलाओं को 431 करोड़ 70 लाख रुपये मिले। एक परिवार की दो से अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलता है। इसके बावजूद, 7 लाख 97 हज़ार 751 परिवारों की दो से अधिक महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया। यह बात सामने आई है कि उन्हें 1,196 करोड़ 62 लाख रुपये मिले।
सरकार को सालाना 518 करोड़ रुपये की बचत
65 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा जाएगा। इससे सरकार को सालाना 518 करोड़ रुपये की बचत होगी। वहीं, जिन परिवारों में दो से ज़्यादा महिलाओं ने इस योजना का लाभ उठाया है, उन्हें योजना से हटाने पर अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है।
कब शुरू हुई थी योजना?
लाडली बहना योजना पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार ने शुरू की थी। इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक मदद देना था। इसके लिए सरकार सालाना 42,000 करोड़ रुपये खर्च करती है। विधानसभा चुनावों में महायुति को इस योजना का फ़ायदा ज़रूर मिला, लेकिन इस योजना का असर राज्य के विकास कार्यों पर पड़ा है।
