‘खेती करने जाओ तो हल और बैल जब्त कर लेता है वन विभाग’, 22 गांव के किसानों ने की शिकायत, एक्शन में आए विधायक
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में 22 गांवों के किसानों ने वन विभाग पर खेती करने से रोकने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत किसानों ने जनदर्शन कार्यक्रम में विधायक विक्रम मंडावी से की। ग्रामीणों ने कलेक्टर और डीएफओ से भी इस संबंध में लिखित शिकायत की है। किसानों का आरोप है कि वन विभाग उनकी पैतृक जमान पर खेती करने से रोक रहा है। हालांकि इस मामले में वन विभाग की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हल भी जब्त कर लेता है विभाग
बीजापुर के तारालागुड़ा इलाके की चार पंचायतों के 22 गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी पैतृक और पट्टे की जमीन पर खेती करने से वन विभाग रोक रहा है। खेत जोतने वाले किसानों के हल और ट्रैक्टर तक जब्त किए जा रहे हैं।
विधायक के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे थे ग्रामीण
ग्रामीणों ने सोमवार को विधायक विक्रम मंडावी के जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचकर अपनी पीड़ा सुनाई। उन्होंने कहा कि वन विभाग के कुछ कर्मचारी बदले की भावना से किसानों को परेशान कर रहे हैं। विशेष रूप से बिट गार्ड चलपत गोटा के रवैये से ग्रामीण नाराज हैं।
बेदखल करना गलत
विधायक विक्रम मंडावी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि गरीब आदिवासियों को उनकी पैतृक जमीन से बेदखल करना गलत है। उन्होंने मांग की कि ग्रामीणों की जमीन का सीमांकन कर उन्हें वापस दी जाए, और अगर वह काबिज भूमि है तो वन अधिकार पट्टा दिया जाए। उन्होंने बिट गार्ड को हटाने और किसानों को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने कलेक्टर और डीएफओ से भी इस संबंध में लिखित शिकायत की है।
क्या है ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने विधायक विक्रम मंडावी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि वे विगत 15 वर्षों से वनभूमि पर खेती कर अपना जीवन यापन करते आ रहे हैं। लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा बदसलूखी करते हुए खेती करने से रोका जा रहा है और पालतू मवेशी बैल एवं हल को जब्त किया जा रहा है। उन्होंने विधायक से मांग की है कि वर्षों से काबिज वनभूमि का वन अधिकार पट्टा दिलाया जाए।
