बीजेपी नेताओं को लगाया गले, वित्त मंत्री से मिलाया हाथ, एक साल बाद सदन में इस अंदाज में पहुंचा कांग्रेसी दिग्गज
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत सोमवार से शुरू हुआ। सोमवार को बजट सत्र में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता कवासी लखमा जैसे ही सदन में पहुंचे उन्होंने सत्ता पक्ष के कई नेताओं को गले लगाया। कवासी लखमा करीब एक साल के बाद सदन की कार्रवाई में शामिल होने पहुंचे हैं।
कई नेताओं को लगाया गले
लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सदन पहुंचे पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने भाजपा नेताओं से गले मिलकर मुलाकात की। उन्होंने अजय चंद्राकर, रामविचार नेताम और धर्मजीत सिंह को गले लगाया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी से हाथ मिलाया। अजय चंद्राकर ने दोनों हाथ फैलाकर उनका स्वागत किया।
कवासी लखमा का मैं सम्मान करता हूं
राज्य सरकार के मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि कवासी लखमा को सभी लोग दादी के नाम से जानते हैं। करीब एक साल बाद वह सदन में आए हैं। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रूप से मैं कवासी लखमा का बहुत सम्मान करता हूं।
कांग्रेस नेताओं के मिले
विधानसभा पहुंचने के बाद कवासी लखमा ने कांग्रेस और बीजेपी के विधायकों से मुलाकात की। इस दौरान सभी ने गले मिलकर कवासी लखमा का स्वागत किया। हालांकि जिस तरह से उन्होंने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की वह चर्चा का विषय बन गया है।
सशर्त मिली है अनुमति
कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। करीब एक साल तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कुछ शर्तों के साथ कवासी लखमा को विधानसभा के सदन में शामिल होने की अनुमति दी है। कवासी लखमा पर नो स्पीच का नियम लागू होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कवासी लखमा जेल से रिहा होने के बाद राज्य के बाहर रहने चले गए थे।
