January 22, 2026

EOW का बड़ा दावा- 2200 नहीं 3200 करोड़ का है शराब घोटाला, 29 अफसरों के खिलाफ चालान पेश, हो सकती है गिरफ्तारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में सोमवार को EOW ने 3100 पन्नों का चालान पेश किया। रायपुर की विशेष अदालत में 29 आबकारी अफसरों के खिलाफ यह चालान पेश किया गया है। बता दें कि जिन अधिकारियों के खिलाफ चालान पेश किया गया है उन सभी को शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाया गया है। कहा जा रहा है कि चालान पेश होने के बाद कई अधिकारियों की गिरफ्तार हो सकती है।

कोर्ट ने जारी किया नोटिस
कोर्ट ने सभी आरोपी कर्मचारियों और अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए 20 अगस्त को पेश होने को कहा है। शराब घोटाले में शामिल 29 में से 22 अधिकारी आबकारी विभाग में पदस्थ हैं, जबकि 7 अधिकारी रिटायर हो चुके हैं। EOW का दावा है कि नेताओं के इशारे पर इन अधिकारियों ने गड़बड़ी की है।

हर महीने 400 ट्रक शराब की सप्लाई
EOW के अनुसार, तात्कालीन आबकारी आयुक्त IAS निरंजन दास, तत्कालीन रायपुर जिला सहायक आबकारी अधिकारी जनार्दन कौरव समेत 29 अधिकारी-कर्मचारियों के नाम इस चालान में हैं। उन्होंने बताया कि हर महीने 400 ट्रक अवैध शराब की सप्लाई होती थी। 3 साल में लगभग 60 लाख से ज्यादा शराब की पेटियां अवैध रूप से बेची गईं।

बढ़ सकती है घोटाले की रकम
ईओडब्ल्यू ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की राशि बढ़ सकती है। शराब घोटाले की रकम जो अब तक करीब 2100 करोड़ मानी जा रही थी, वो बढ़कर 3200 करोड़ रुपये हो सकती है। शराब घोटाला 2019 से 2023 हुआ है। दावा किया जा रहा है कि जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारियों की निगरानी में डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर अवैध शराब को सीधे दुकानों में पहुंचाया जाता था। इसके बदले में अधिकारियों को कमीशन मिलता था।

कवासी लखमा समेत कई गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके साथ गई अधिकारी और शराब माफिया भी जेल में हैं। दावा है कि पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा शराब घोटाले में हर महीने दो करोड़ रुपये का कमीशन लेते थे।

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