February 26, 2026

रायपुर में कांग्रेस का ‘चिपको आंदोलन’, फिल्म सिटी का किया विरोध, बीजेपी ने कसा तंज

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इन दिनों सियासी पारा चढ़ा हुआ है. कांग्रेस ने तूता इलाके में चिपको आंदोलन शुरू कर दिया है, जहां कार्यकर्ता पेड़ों से चिपककर और गड्ढों में बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. यह आंदोलन प्रस्तावित चित्रोत्पला अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी परियोजना के खिलाफ किया जा रहा है. कांग्रेस का कहना है कि इस परियोजना के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिसे वे हर हाल में रोकना चाहते हैं.

क्या है पूरा मामला?
दरअसल, राज्य सरकार ने कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ को चित्रोत्पला अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी की सौगात दी थी. सरकार का तर्क है कि इस फिल्म सिटी के बनने से स्थानीय फिल्मों को बेहतर प्लेटफॉर्म मिलेगा, बाहरी फिल्मों की शूटिंग बढ़ेगी और इससे राज्य में रोजगार और राजस्व के नए अवसर पैदा होंगे. इस परियोजना को विकास के एक बड़े कदम के रूप में पेश किया गया है लेकिन अब यही फिल्म सिटी परियोजना विवादों में घिरती नजर आ रही है. सरकार ने तूता क्षेत्र में करीब 100 एकड़ जमीन इस प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की है, जहां बड़ी संख्या में पेड़ मौजूद हैं. जैसे ही इस जमीन पर पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू हुई, कांग्रेस ने इसका विरोध तेज कर दिया और मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया.

कांग्रेस ने लगाए आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि तूता क्षेत्र में लगाए गए अधिकांश पेड़ उनके शासनकाल में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से लगाए गए थे. पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है. कांग्रेस नेताओं का यह भी आरोप है कि पहले इस जमीन को गोल्फ कोर्स के लिए इस्तेमाल किया गया, जो प्रदेश में ज्यादा प्रचलित खेल नहीं है, और अब इसे फिल्म सिटी के नाम पर पेड़ों की कटाई के लिए उपयोग किया जा रहा है. कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि जब तक पेड़ों की कटाई पूरी तरह बंद नहीं की जाती, तब तक उनका चिपको आंदोलन जारी रहेगा. प्रदर्शनकारी पेड़ों को बचाने के लिए धरने पर डटे हुए हैं और इसे पर्यावरण बचाने की लड़ाई बता रहे हैं.

बीजेपी ने कसा तंज
वहीं, भाजपा ने भी कांग्रेस के इस आंदोलन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे इस तरह के आंदोलन कर रही है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नकल करने के लिए भी अकल की जरूरत होती है. भाजपा का कहना है कि फिल्म सिटी परियोजना राज्य के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए जरूरी है और इसे किसी भी हाल में रोका नहीं जाएगा.

कुल मिलाकर, फिल्म सिटी परियोजना को लेकर रायपुर में विकास बनाम पर्यावरण की बहस तेज हो गई है. एक तरफ सरकार इसे आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का जरिया बता रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे पर्यावरण के खिलाफ कदम मानते हुए विरोध कर रही है. अब देखना होगा कि यह आंदोलन कब तक चलता है और सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है.

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