January 29, 2026

छत्तीसगढ़ : ’40 हजार के AC मेंटनेंस में 2 लाख 66 हजार खर्च’ विधानसभा में मंत्री ने दिया ये जवाब

mp vidhansabha

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र में आज प्रश्नकाल में पहला प्रश्न विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने किया. उन्होंने बिलासपुर संभाग में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत विद्युत और यांत्रिकी 1 अक्टूबर 2019 से 31 दिसंबर 2024 तक की अवधि में विद्युतीकरण काम में वार्षिक मरम्मत कितनी जगहों पर कराए गए और उस पर कितनी राशि खर्च की गई. इसके लिए किन किन एजेंसियों और फर्मों को कितनी राशि का भुगतान किया गया.

डिप्टी सीएम और लोकनिर्माण मंत्री अरुण साव ने इसका जवाब दिया. उन्होंने बताया कि 9156 जगहों पर मरम्मत कार्य कराए गए, इसके लिए 99 करोड़ 33 लाख रुपये खर्च हुए. इसके लिए 19 हजार 103 देयक किस एजेंसी को कितनी राशि वर्षवार और कार्यवार दिए गए हैं. इसकी जानकारी भी दी गई है. कई बार ठेकेदार दो तीन काम का एक बार ही बिल ले लेता है. ऐसे में देयक में किस भवन के लिए ये ही इसकी इंट्री नहीं होती है सिर्फ माप पुस्तिका में इसके बारे में इंट्री होती है.

अरुण साव ने पिछले 6 साल में हुए अनुबंधित कार्य और गैर अनुबंधित कार्यों के बारे में सदन में जानकारी दी.

साल 2019-20 में अनुबंधित कार्य 170 और गैर अनुबंधित कार्य 1378
साल 2020-21 अनुबंधित कार्य 330 और गैर अनुबंधित कार्य 5345
साल 2021-22 अनुबंधित कार्य 375 और गैर अनुबंधित कार्य 3398
साल 2022-23 अनुबंधित कार्य 392 और गैर अनुबंधित कार्य 2681
साल 2023-24 अनुबंधित कार्य 773 और गैर अनुबंधित कार्य 3366
साल 2024-25 अनुबंधित कार्य 556 और गैर अनुबंधित कार्य 537


मंत्री ने बताया इस अवधि में अनबंधित कार्यों की कुल संख्या 2596 है. जिसके लिए 67 करोड़ 13 लाख 3 हजार का भुगतान हुआ है. गैर अनुबंधित कार्यों की संख्या 16705 है, इसके लिए 32 करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान किया गया है.

राघवेंद्र सिंह ने आगे पूछा. “क्या जब भुगतान करते है तो स्थान का नाम और कौन से भवन में काम कराया गया है इसका उल्लेख किया जाता है या नहीं”.

अरुण साव ने कहा “देयक में स्थान का नाम नहीं दिया जाता. माप पुस्तिका में इसका उल्लेख होता है.”

राघवेंद्र सिंह ने कहा “जो सवाल पूछा उसमें सेक्शन का नाम उल्लेख है. भवनों का नाम उल्लेख नहीं किया जाता तो देयक फर्जी माने जाते हैं. ये नोटिस 23 अक्टूबर 2023 को सरकार की तरफ से जारी किया गया है.” विधायक ने 5 मार्च 2025 को सरकार की तरफ से जारी गाइडलाइन के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि लगभग 100 करोड़ का मामला है, जिसके बारे में ना आरटीआई में ना ही विधानसभा में इसकी जानकारी दी जा रही है.

साव ने कहा कि सरकारी पैसों का दुरुपयोग ना हो इसलिए समय समय पर अधिकारी जरूरी निर्देश देते हैं. विधायक को किसी स्थान या सब डिवीजन के बारे में शिकायत हो तो बताए, निश्चित रूप से इस पर कार्रवाई की जाएगी.

विधायक राघवेंद्र सिंह ने आगे सवाल किया कि पिछले 2 साल में कितनी शिकायत मिली थी इसके बारे में प्रश्न लगाया गया था लेकिन हटा दिया गया.

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने प्रश्न किया. 100 करोड़ का भुगतान किया गया. किस स्थान के लिए भुगतान किया गया, क्या बिना स्थान और बिना कार्य के ऐसे ही भुगतान करना अनियमिता की श्रेणी में नहीं आता. 5 मार्च को गाइडलाइन जारी करने की क्या जरूरत पड़ी.

साव ने अपना जवाब दोहराया. उन्होंने कहा कि सरकारी पैसों का दुरुपयोग ना हो इसलिए समय समय पर अधिकारी जरूरी निर्देश और मार्गदर्शन देते हैं. देयक में भवन का उल्लेख नहीं होता. भवन का उल्लेख माप पुस्तिका में होना चाहिए. कोई ऐसी शिकायत है कि गलत ढंग से भुगतान हुआ है तो इसकी जानकारी दें, इस पर कार्रवाई होगी.

चरणदास महंत ने आगे कहा कि मैं आरोप नहीं लगा रहा हूं. इसमें बताया गया है कि एयर कंडिशन के रखरखाव में 2 लाख 66 हजार खर्च हुए. जबकि 40 से 50 हजार में एयर कंडीशन आ जाता है. इस तरह की अनियमितता प्रश्न में है. मंत्री जी आप अपने अधिकारियों से जरूर पूछिए कि 40 से 50 हजार के एयर कंडीशन उसको 2 लाख से ज्यादा में कैसे बनाते हैं. ताकि अगली बार आप हमें संतुष्ट कर सके.

विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने कहा कि किसी प्रश्न से संदर्भित उत्तर डेढ़ हजार पन्नों में दिया गया है. सदस्यों से अनुरोध है कि प्रश्न के दायरे को कोशिश करें कि जवाब सही समय पर आए. अजय चंद्राकर ने बीच में टोकते हुए कहा कि इसी सदन में एक सवाल के जवाब में 5 बंडल का जवाब दिया गया.

विधायक राघवेंद्र सिंह ने कहा कि मेरा सवाल का जवाब नहीं आया. इसमें विधानसभा अध्यक्ष अपना संरक्षण जरूर दें.

विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि पिछले विधानसभा के कार्यकाल का प्रश्न है. भवन बना ही नहीं है. लेकिन मंत्री जी को बता दिए है तो मंत्री जी जवाब दे रहे हैं लेकिन ऐसा ही गोलमाल पिछले विधानसभा में हुआ है. इस बात पर कांग्रेस सदस्यों ने जांच की मांग की. पिछले कार्यकाल में यही सब काम हुए हैं. एक एसी के रिपेयर में 10 एसी खरीदे जा सकते हैं.

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