CG : राजधानी में युक्तियुक्तकरण में अपनी युक्ति लगाने वाले अफसरों पर कब होगी कार्यवाई ?
रायपुर। राजधानी रायपुर में युक्तियुक्तकरण में अपनी युक्ति लगाकर अपने लोगों को अतिशेष चिन्हांकित होने से बचाने वाले जिम्मेदार अफसर आज भी मज़े में हैं। जबकि संभाग स्तरीय समिति के सुनवाई से पहले ही ये तिकड़म कर पिछली तारीखों पर खेला करने लगे हैं। राजधानी के आधा दर्जन से ज्यादा स्कूलों में अतिशेष बनाकर निकाले गए शिक्षकों ने वापसी कर ली है। आश्चर्यजनक तथ्य तो यह हैं कि कइयों ने तो न्यायालय का दरवाज़ा तक नहीं खटखटाया हैं कुछ ने न्यायालय के निर्देश पर वापसी की हैं। वहीँ कुछ को आनन फानन में संभाग स्तरीय सुनवाई में पोल खुल जाने के डर से वापस उन्ही स्कूलों में भेजने का आदेश जारी कर दिया गया हैं जहाँ से वे हटाए गए थे। इतना ही नहीं जिले में व्याख्याता जीवविज्ञान के पद रिक्त होने के बाद भी 14 महिला व्याख्याताओं को जिले से बाहर पदस्थापना देने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा हैं। इनमें से महज़ चार ने ही अपने नए स्कूलों में आमद दी हैं। ज्यादातर ने न्यायालय या फिर अपने पहुँच के माध्यम से यथास्थिति पा ली हैं। इसी विषय में एक व्याख्याता ने बिना कोर्ट गए बिना आपत्ति दर्ज़ किये विभाग के अफसरों से आपसी तालमेल कर आज पर्यन्त तक अपना स्कूल नहीं छोड़ा हैं। इतना ही नहीं युक्तियुक्तकरण के दो माह पहले तक किसके फरमान पर जीवविज्ञान के व्याख्याताओं को समन्वय के तहत राजधानी में लाकर पदस्थ किया गया हैं। जहाँ पदस्थ किया गया हैं वहीँ के तीन किमी के दायरे में स्थित तीन स्कूलों से उसी विषय के व्याख्याता जिले से बाहर भेज दिए गए हैं।
बता दें की राजधानी रायपुर में युक्तियुक्तकरण से लेकर पदस्थापना के बाद तक विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक 60 वर्षीय महिला शिक्षिका को संभागीय समिति की सुनवाई के ठीक पहले युक्तियुक्तकरण पुरानी तारीख 19 जुलाई में आदेश जारी कर निरस्त कर दिया गया हैं। जबकि उक्त शिक्षिका को विगत 5 जून को ही विकासखंड से बाहर भेजे जाने का आदेश थमा दिया गया था। वह तब से प्राचार्य, बीईओ, डीईओ, कलेक्टर, जेडी दफ्तर का चक्कर काट रही थी। उनके दावे आपत्ति में किसी भी तरह का विचार नहीं किया जा रहा था। यहाँ तक की वह पुराने स्कूल से जबरन कार्यमुक्त तक कर दी गई थी। उसका वेतन तक रोक दिया गया हैं। स्कूल जाने पर उनके साथ दुर्यव्यवहार तक की ख़बरें निकल कर आ रही हैं। हताश निराश शिक्षिका का आवेदन भी बाड़ी मुश्किल से संभागीय समिति में जमा हो पाया हैं। इसके बाद से ही जिला स्तरीय युक्तियुक्तकरण समिति हरकत में आ गई और इसे जान बूझकर अतिशेष चिन्हांकित करने वाले अफसरों को बचाने की जुगत में लग गई। उन्हें पुरानी तारीख 19 जुलाई को आदेश जारी कर बहाल कर दिया गया। मज़ेदार बात यह हैं की इसके बाद भी संस्था में उसे अगस्त माह में उपस्थिति देने से रोका गया।
प्रदेश के काई जिलों में युक्तियुक्तकरण में गड़बड़ी को लेकर डीईओ ,बीईओ, प्राचार्य, हेडमास्टर तक के ऊपर कार्यवाई की गई हैं। आज ही जशपुर में एक बीईओ निलंबित किये गए हैं। पर राजधानी में गड़बड़ी उजागर होने के बाद भी उसे त्रुटिपूर्ण बताकर जिम्मेदार अफसरों को बचाया जा रहा हैं। सूत्र बता रहे हैं कि राजधानी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों को अंजाम दिया गया हैं। जहाँ युक्तियुक्तकरण को त्रुटिपूर्ण बताकर निरस्त किया गया हैं वहां उस शिक्षक के जगह दूसरे निकलने वाले शिक्षक को इसके बाद भी चिन्हांकित नहीं किया गया हैं। इससे माज़रा साफ़ साफ़ समझा जा सकता हैं।
अब जब शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (CG Teacher Rationalisation) में सामने आई गड़बड़ियों के बाद अब प्रशासन पूरी तरह हरकत में (Administration in Action) आ चुका है। रायपुर संभाग आयुक्त महादेव कावरे (Raipur Divisional Commissioner Mahadev Kavre) की अध्यक्षता में संभागीय समिति की बैठक 4 अगस्त 2025 को (4 August Rationalisation Hearing Date) रखी गई है।
अब तक मिले 497 आवेदन, सबसे ज्यादा रायपुर से
कमिश्नर कावरे ने बताया कि अब तक 497 शिकायती आवेदन (497 Rationalisation Complaints) प्राप्त हुए हैं। इनमें रायपुर जिले से सर्वाधिक 190 आवेदन (Raipur District Teacher Grievances) प्राप्त हुए, जबकि बलौदा बाजार से केवल 10 आवेदन (Least Complaints from Balodabazar) ही मिले।
अन्य जिलों का आंकड़ा इस प्रकार है:
महासमुंद: 94 आवेदन
गरियाबंद: 149 आवेदन
धमतरी: 54 आवेदन
शिकायतों में उठे सीनियरिटी, मेडिकल और पति-पत्नी आधार जैसे मुद्दे
शिक्षकों द्वारा दिए गए आवेदनों में सबसे अधिक मुद्दा सीनियरिटी की अनदेखी (Seniority Ignored in Transfer), पति-पत्नी आधार (Spouse Ground Transfer) और मेडिकल ग्राउंड (Medical Transfer Issues) को लेकर रहा। संभागीय समिति ने सभी आवेदनों की प्राथमिक जांच (Preliminary Review) पूरी कर ली है।
4 अगस्त को होगी अंतिम सुनवाई, तय होंगे सही और निराधार दावे
4 अगस्त 2025 को (4 August Rationalisation Hearing Date) अगली बैठक रखी गई है, जिसमें सभी आवेदनों पर व्यक्तिगत रूप से सुनवाई की जाएगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि कौन से आवेदन वैध (Genuine Complaints) हैं और किन्हें खारिज किया जाएगा। यह कदम प्रदेश में शिक्षकों के निष्पक्ष स्थानांतरण (Fair Teacher Transfers) की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
