January 29, 2026

छत्तीसगढ़ में 57,000 शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर भड़के बेरोजगार युवा, अब आंदोलन की राह पर

EDUCATION

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लाखों प्रशिक्षित युवाओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 21 जून को राजधानी रायपुर (Raipur) में राज्य स्तरीय ध्यानाकर्षण रैली (Protest Rally) का ऐलान किया है।

डीएड-बीएड संघ, कला शिक्षा संघ, व्यायाम शिक्षक संघ, लाइब्रेरियन संघ और एमए छत्तीसगढ़ी डिग्रीधारियों ने संयुक्त रूप से कहा है कि यदि जल्द ही शिक्षक भर्ती नहीं की गई, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से अनिश्चितकालीन हड़ताल (Indefinite Strike) में बदला जाएगा।

वादे हुए लेकिन कार्रवाई नदारद
बीएड-डीएड संघ अध्यक्ष दाउद खान (Daud Khan) ने याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (Vishnu Deo Sai) ने 57,000 शिक्षकों सहित एक लाख पदों पर भर्ती का वादा किया था, जिसे मोदी की गारंटी (Modi’s Guarantee) के रूप में प्रचारित किया गया। लेकिन अब सरकार ने पीछे हटते हुए सिर्फ 5,000 पदों पर भर्ती की बात कही है, जो युवाओं के साथ मज़ाक जैसा लगता है।

युक्तियुक्तकरण बन रहा है भर्तियों की राह में रोड़ा
प्रशिक्षित युवाओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग युक्तियुक्तकरण के नाम पर वर्ष 2008 के स्कूल सेटअप में बदलाव कर पदों को खत्म कर रहा है। ललित साहू (Lalit Sahu) ने कहा कि यदि रिक्त पद ही समाप्त कर दिए जाएंगे, तो भर्ती किस आधार पर होगी?

आजीवन नौकरी से वंचित होने का डर
कला संकाय संघ के अध्यक्ष कामेश्वर यादव (Kameshwar Yadav) ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से कला विषय में भर्ती नहीं हुई है। 50,000 से अधिक युवाओं की डिग्रियां नौकरी न मिलने के कारण व्यर्थ हो रही हैं। एक लाख बेरोज़गार ऐसे हैं जो जल्द ही उम्र सीमा (Age Limit) पार कर जाएंगे।

बीजेपी सरकार पर लगाया भरोसा तोड़ने का आरोप
करण साहू (Karan Sahu) और अन्य नेताओं ने कहा कि बीजेपी सरकार युवाओं को लॉलीपॉप दिखाकर असली मुद्दे से भटका रही है। युवाओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण वे मानसिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से परेशान हैं। कई युवाओं के सामने शादी और परिवार चलाने का संकट है।

21 जून को होगा शक्ति प्रदर्शन, फिर अनिश्चितकालीन आंदोलन
आंदोलनकारी युवाओं ने कहा है कि यदि 21 जून की रैली के बाद भी सरकार ने कोई ठोस फैसला नहीं लिया, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी हड़ताल (Statewide Protest) में बदल जाएगा। यह प्रदर्शन केवल नौकरी की मांग नहीं, बल्कि युवाओं की आशाओं और भविष्य की लड़ाई (Fight for Future) है।

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