April 10, 2026

छत्तीसगढ़ में RTE विवाद के बीच स्कूल शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, स्कूलों की मांगों को बताया गलत

gajendra yadav

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आरटीई विवाद बढ़ता ही जा रहा है। बीते दिन निजी स्कूल संचालकों ने गरीब बच्चों को प्रवेश देने से मना कर दिया। जिसके बाद सरकार द्वारा स्कूलों की मान्यता रद्द करने की बात कही गई। ऐसे में अब छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा है कि “हमारे से आधे पैसे से काम हो रहा है” वाला तर्क पूरी तरह सही नहीं है और इसे आधार बनाकर अतिरिक्त मांग करना उचित नहीं है। साथ ही संकेत दिए हैं कि आरटीई को लेकर नीतियों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया जाएगा ।

क्या कहना है स्कूल शिक्षा मंत्री का
स्कूल शिक्षा मंत्री के अनुसार आरटीई (Right to Education) को लेकर प्राइवेट स्कूलों की मांगें गलत हैं। उन्होंने स्कूल संचालकों की दलीलों को गलत बताते हुए कहा कि दूसरे राज्यों से तुलना करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि कुछ निजी स्कूल यह तर्क दे रहे हैं कि अन्य राज्यों में ज्यादा भुगतान किया जा रहा है, लेकिन यह पूरी तस्वीर नहीं है। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा है कि कई ऐसे राज्य भी हैं जहां छत्तीसगढ़ से कम खर्च में आरटीई के तहत काम हो रहा है। ऐसे में “जो स्कूल वाले ऐसी बात करते हैं, वे केवल उन राज्यों को क्यों देखते हैं जहां ज्यादा राशि दी जा रही है। कई राज्य ऐसे हैं जहां हमारे मुकाबले आधे पैसे में भी काम हो रहा है।”

हमारे यहां आधे पैसे से काम
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा है कि “हमारे से आधे पैसे से काम हो रहा है” वाला तर्क पूरी तरह सही नहीं है और इसे आधार बनाकर अतिरिक्त मांग करना उचित नहीं है।

नहीं होगा कोई बदलाव
आपको बता दे इस दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री ने संकेत देते हुए कहा है कि आरटीई को लेकर सरकार द्वारा नीतियों में फिलहाल किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। जो मौजूदा व्यवस्था है उसी के तहत काम जारी रहेगा।

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