CG : डॉक्टरों को ब्लैकमेल करने वाला गिरोह, पुलिस ने किया खुलासा, पोर्टल और क्लीनिक संचालक सहित चार आरोपी गिरफ्तार
कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम पुलिस ने सरकारी डॉक्टर्स को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया. पुलिस ने मामले में तीन आरोपी रियाज अत्तारी, फिरोज खान, अजय जांगड़े और एक प्राइवेट क्लीनिक संचालक अमन बिसारिया को गिरफ्तार किया है।

आरोपी निजी न्यूज पोर्टल पर शासकीय डॉक्टरों के खिलाफ समाचार चलाते थे और पैसों की मांग करते थे. काम जब नहीं बनता था तो आरोपी अमन बिसारिया स्वास्थ्य सेकेट्री का असिस्टेंट बनकर मोबाइल एप के माध्यम से महिला की आवाज में संबंधित डॉक्टरों को फोन कर पत्रकारों से सेटलमेंट करने की बात कहता था और कार्रवाई की धमकी देता था. पीड़ित डॉक्टरों को जब फर्जीवाड़े का शक हुआ तो उन्होंने सामूहिक तौर पर इसकी शिकायत एसपी से की.जिसके बाद गिरोह का भंडाफोड़ हुआ.

आरोपी पहले सूचना का अधिकार लगाकर डॉक्टरों की कमी ढूंढते थे. इसके बाद उनके खिलाफ वेब पोर्टल में समाचार चलाते थे. समाचार छापने से मोटी रकम मिल जाती थी. फिर दूसरे डॉक्टर की तलाश की जाती थी.पैसा नहीं देने वाले डॉक्टरों को धमकी दी जाती थी.इसके लिए प्राइवेट क्लीनिक संचालक अमन बिसारिया एप के माध्यम से आवाज बदलकर डॉक्टरों को धमकी देता था.वो खुद को स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया का असिस्टेंट बताता था. जिसमें वो डॉक्टरों को कहता था कि आपके खिलाफ खबर चल रही है,आपको निलंबित या बर्खास्त किया जा सकता है.यदि कार्रवाई से बचना चाहते हो तो संबंधित पत्रकार को पैसे देकर मामला रफा दफा करो.साथ ही साथ अपने पक्ष में खबर लगाने के लिए कहो.इस फोन से डॉक्टर डरकर पत्रकारों को पैसा दे देते थे.डॉक्टरों की शिकायत के बाद जब पुलिस ने तफ्तीश की तो आरोपी पकड़े गए.

पिछले दो महीनो से कवर्धा के निजी पोर्टल संचालक रियाज अत्तारी, फिरोज खान, अजय जांगड़े और प्राइवेट क्लीनिक संचालक अमन बिसारिया डॉक्टरों से उगाही कर रहे थे. डॉक्टरों से स्वास्थ्य सेकेट्री का असिस्टेंट बनकर ब्लैकमेलिंग हो रही थी. मामले की जांच के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपियों पर धारा 319(2),308(2),61(2)BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया गया है-धर्मेंद्र सिंह छवाई, एसपी कवर्धा
जब आरोपियों का शिकार कई डॉक्टर एक दूसरे से मिले तो आपसी बातचीत में खुलासा हुआ.जिसमें ये पता लगा कि कई डॉक्टरों के साथ इसी तरह की चीजें हुई हैं. इसके बाद डॉक्टरों ने सामूहिक रुप से एसपी कार्यालय में इसकी शिकायत की और मामले का खुलासा हुआ.
