छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में बड़ी नियुक्तियां: अमिताभ जैन बने मुख्य सूचना आयुक्त, दो राज्य सूचना आयुक्तों की भी तैनाती
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक स्तर पर एक अहम निर्णय लेते हुए राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से प्रतीक्षित नियुक्तियों को अंतिम रूप दे दिया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अमिताभ जैन को छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग का नया मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति को सूचना के अधिकार कानून के प्रभावी संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दो राज्य सूचना आयुक्तों की भी नियुक्ति
मुख्य सूचना आयुक्त के साथ-साथ राज्य सूचना आयोग में दो राज्य सूचना आयुक्तों की भी नियुक्ति की गई है। इनमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी उमेश कुमार अग्रवाल और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा शामिल हैं। दोनों ही नाम अपने-अपने क्षेत्र में लंबे अनुभव और प्रशासनिक समझ के लिए जाने जाते हैं। शासन का मानना है कि इनके अनुभव से सूचना आयोग की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा मजबूत बनाया जा सकेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की अधिसूचना
इन सभी नियुक्तियों को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों की सेवा शर्तें, वेतन और अन्य भत्ते भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार होंगे।
केंद्र सरकार के नियमों के तहत सेवा शर्तें
अधिसूचना के अनुसार, इन पदों पर नियुक्त अधिकारियों की सेवा शर्तें भारत सरकार की 24 अक्टूबर 2019 की अधिसूचना के अंतर्गत निर्धारित की जाएंगी। यह नियम “सूचना का अधिकार (केंद्रीय सूचना आयोग एवं राज्य सूचना आयोगों में पदावधि, वेतन, भत्ते एवं सेवा की अन्य शर्तें) नियम, 2019” के तहत लागू होंगे। इसका उद्देश्य पूरे देश में सूचना आयोगों के लिए एक समान और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
राज्यपाल के नाम से जारी हुआ आदेश
शासन की ओर से बताया गया है कि यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा उनके आदेशानुसार जारी किया गया है। इसके साथ ही नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। माना जा रहा है कि आयोग में पदों की पूर्ति होने से सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों के निराकरण में तेजी आएगी।
पारदर्शिता को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सूचना आयोग सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत नागरिकों को जानकारी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाता है। लंबे समय से रिक्त पदों के कारण आयोग के कामकाज पर असर पड़ रहा था। अब नई नियुक्तियों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा होगा और शासन-प्रशासन में पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी।
