January 13, 2026

‘शराब घोटाले में बघेल को मिले 250 करोड़ रुपये’, चैतन्य कंट्रोल करता था सिंडिकेट, EOW का खुलासा

CHAITANYA

रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा ने सोमवार को चार्जशीट पेश की है। 3800 पन्नों की चार्जशीट में दावा किया गया है कि घोटाला को चैतन्य बघेल ही कंट्रोल करता था। बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में EOW/ACB ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के खिलाफ आठवां चालान कोर्ट में पेश किया है. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था.

चालान में क्या-क्या जानकारी दी गई: इस चालान में अब तक गिरफ्तार सभी आरोपियों से जुड़ी जांच और उनकी वर्तमान स्थिति का विवरण दिया गया है. इसके साथ ही सभी आरोपियों से जुड़े डिजिटल सबूतों की रिपोर्ट जिन आरोपियों की जांच अभी जारी है, उनकी वर्तमान जांच स्थिति भी कोर्ट के सामने रखी गई है.

EOW/ACB का बड़ा दावा: EOW/ACB की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि शराब घोटाले के दौरान चैतन्य बघेल की भूमिका आबकारी विभाग में वसूली तंत्र और सिंडिकेट तैयार करने में अहम रही. जांच एजेंसी के अनुसार, वह सिंडिकेट और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय और संरक्षण की भूमिका निभा रहे थे.

अधिकारियों और सिंडिकेट के बीच तालमेल: दावे के मुताबिक जांच में सामने आया है कि चैतन्य बघेल कई अधिकारियों जैसे अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया, अरुण पति त्रिपाठी निरंजन दास और सिंडिकेट के प्रमुख लोगों अनवर ढेबर, अरविंद सिंह और विकास सिंह अग्रवाल के बीच तालमेल बैठाने का काम करते थे और उन्हें निर्देश भी देते थे.

घोटाले की रकम के प्रबंधन का आरोप: जांच एजेंसी के मुताबिक, अनवर ढेबर की टीम की ओर से जुटाई गई घोटाले की रकम को चैतन्य बघेल अपने भरोसेमंद लोगों के जरिए ऊपर तक पहुंचाने और मैनेज करने का काम कर रहे थे. यह रकम बैंकिंग चैनल के जरिए पारिवारिक फर्मों में ली गई, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेश की गई, पारिवारिक मित्रों और सहयोगियों के माध्यम से भी निवेश कराई गई.

200 से 250 करोड़ रुपए मिलने के साक्ष्य: विवेचना में यह सामने आया है कि चैतन्य बघेल को घोटाले से करीब 200 से 250 करोड़ रुपए मिलने के सबूत मिले हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि उच्च स्तर पर मिले संरक्षण और नीतिगत हस्तक्षेप के कारण यह घोटाला लंबे समय तक चलता रहा.

शराब घोटाले की कुल रकम 3074 करोड़ रुपए: अब तक की जांच के आधार पर शराब घोटाले की कुल राशि 3074 करोड़ रुपए आंकी गई है. मामले की जांच अभी भी जारी है.

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