CG : धान शॉर्टेज पर प्रशासन सख्त, चारभाठा संग्रहण केंद्र प्रभारी निलंबित, 26 हजार क्विंटल धान गायब होने की जांच शुरू
कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिला में धान शॉर्टेज के एक बड़े मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में धान की कमी सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संग्रहण केंद्र प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक जांच समिति भी गठित की है, जो पूरे प्रकरण की बारीकी से पड़ताल करेगी।
प्रशासन का पक्ष- सूखत को बताया मुख्य कारण
जिला प्रशासन के अनुसार, बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र में धान की कमी का मुख्य कारण ‘सूखत’ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कमी चूहों या कीड़ों द्वारा खाए जाने से नहीं हुई है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि 2020-21 में 3.9 प्रतिशत, 2021-22 में 3.67 प्रतिशत सूखत दर्ज की गई थी। 2022-23 और 2023-24 में संग्रहण नहीं हुआ था, जबकि 2024-25 में सूखत 3.5 प्रतिशत पाई गई, जो बीते पांच वर्षों में सबसे कम बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
26 हजार क्विंटल धान की कमी, 7 करोड़ रुपये का अनुमान
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, बाजार चारभाठा और बघर्रा संग्रहण केंद्रों में कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। धान के उठाव के बाद जब मिलान किया गया, तो दोनों केंद्रों से कुल 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई। इसमें अकेले बाजार चारभाठा केंद्र से करीब 22 हजार क्विंटल धान गायब होना बताया गया है। इस धान की अनुमानित कीमत लगभग 7 करोड़ रुपये आंकी गई है।
सुनियोजित हेराफेरी के गंभीर आरोप
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र प्रभारी के खिलाफ उच्च स्तरीय शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रभारी ने उपार्जन केंद्र के जिम्मेदारों के साथ मिलकर धान की फर्जी आवक-जावक दिखाई, डैमेज धान खरीदी के फर्जी बिल बनाए, मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई और संग्रहण केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों से बार-बार छेड़छाड़ की। आरोप है कि इस सुनियोजित खेल में करीब 5 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई।
अधिकारी बोले- प्रदेश के मुकाबले स्थिति बेहतर
डीएमओ अभिषेक मिश्रा ने कहा है कि संग्रहण केंद्र प्रभारी प्रितेश पांडेय को हटा दिया गया है। उनके अनुसार धान की कमी मौसम के प्रभाव और चूहे, दीमक व कीड़ों से हुए नुकसान के कारण बताई जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों की तुलना में कबीरधाम जिले की स्थिति बेहतर है।
जांच के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
खाद्य विभाग के सहायक जिला खाद्य अधिकारी ने कहा कि शिकायत गंभीर है और प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए हैं। विभिन्न बिंदुओं पर जांच के लिए टीम गठित की गई है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
