फोन पर एक्स-रे देख कर दिया 9 साल के बच्चे का प्लास्टर, एक महीने बाद खोला तो उड़ गए होश, जानें पूरा मामला
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में उतई क्षेत्र स्थित आस्था अस्पताल के एक डॉक्टर पर नौ वर्षीय बच्चे के फ्रैक्चर के इलाज में लापरवाही का आरोप लगा है। बच्चे के हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद डॉक्टर ने एक्स-रे की रिपोर्ट फोन पर दूसरे डॉक्टर को भेजकर राय ली और उसी के आधार पर प्लास्टर कर दिया। प्लास्टर खोलने पर भी फ्रैक्चर जस का तस पाया गया, जिससे बच्चा दर्द और सूजन से बेहाल है। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच और बच्चे को योग्य ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से इलाज दिलाने की मांग की है।
फ्रैक्चर की वजह से कराया एक्स-रे
यह घटना 26 दिसंबर को ग्राम पतोरा निवासी सलोक बंजारे के साथ हुई, जब उसके दाएं हाथ में दुर्घटना के कारण फ्रैक्चर आ गया था। स्वजन उसे उपचार के लिए आस्था अस्पताल उतई ले गए। वहां डॉ. पवन तिवारी (बीएएमएस/एमडी, डीफार्मा) ने बच्चे का एक्स-रे कराया। इसके बाद उन्होंने एक्स-रे फिल्म को व्हाट्सअप पर अस्पताल में ही ओपीडी में आने वाले एक अन्य डॉक्टर, डॉ. सौरभ चंद्राकर को भेजकर उनसे सलाह ली।
दूसरे डॉक्टर की सलाह पर किया प्लास्टर
डॉ. सौरभ चंद्राकर द्वारा दिए गए सुझाव के आधार पर ही डॉ. पवन तिवारी ने बच्चे के हाथ में प्लास्टर कर दिया। स्वजनों का कहना है कि प्लास्टर लगने के कई दिनों बाद भी बच्चे के हाथ में दर्द, सूजन और कमजोरी बनी हुई थी। इससे उन्हें हड्डी के सही तरीके से न जुड़ने की आशंका होने लगी थी।
प्लास्टर खोला तो हाल देख दंग रह गए परिजन
गुरुवार को जब स्वजन बच्चे को लेकर आस्था अस्पताल उतई पहुंचे और प्लास्टर खोला गया, तो बच्चे के हाथ में कोई सुधार नजर नहीं आया। हाथ की हड्डी एक नजर में ही तिरछी दिखाई दे रही थी। इस स्थिति से परेशान स्वजनों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने यह भी मांग की है कि बच्चे को तत्काल किसी योग्य आर्थोपेडिक डॉक्टर से इलाज दिलाया जाए।
एक महीने से दर्द में बच्चा
बच्चे के चाचा ओमप्रकाश बंजारे ने कहा, ‘बच्चे का इलाज गलत हुआ है। करीब एक महीने से वह दर्द में है। स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच करे और उचित इलाज दिलाए।’ इस मामले में आस्था अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. पवन तिवारी ने स्वीकार किया कि उन्होंने विशेषज्ञ डॉक्टर को मोबाइल पर एक्स-रे भेजा था और उनकी राय पर प्लास्टर किया था। उन्होंने कहा, ‘संभव है कुछ चूक हो गई हो।’
सीएमओ तक नहीं पहुंची शिकायत
दुर्ग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में अभी तक किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामला संज्ञान में आने पर जांच कराई जाएगी और गड़बड़ी पर कार्रवाई भी की जाएगी।
