April 26, 2026

बस्तर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल, खाट में बीमार मरीज को ढोया, कब बदलेंगे हालात ?

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कांकेर। बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा हो गया है लेकिन पूरे रीजन से पिछड़ेपन का खात्मा नहीं हो पा रहा है. स्वास्थ्य सेवाओं की बात करे तो बस्तर में हेल्थ फैसिलिटी का बुरा हाल है. कांकेर के पखांजूर इलाके में एक बीमार ग्रामीण को खाट पर 19 किलोमीटर तक ढोया गया. बताया जा रहा है कि एक लकवाग्रस्त युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए जब एम्बुलेंस नहीं मिली तब ग्रामीणों ने उसे खाट पर लिटाकर 19 किलोमीटर तक ढोया और उसे अस्पताल पहंचाया.

बीमार को अस्पताल पहुंचाने में हुई दिक्कत
ये पूरा मामला नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा से लगे बीनागुंडा गांव का है. जहां आज भी स्वास्थ्य सुविधाएं और सड़क दोनों नदारद हैं. बताया जा रहा है कि मरीज को तीन दिन तक एम्बुलेंस नहीं मिली थी. परिवार सुबह से एंबुलेंस को फोन करता रहा. लेकिन सिस्टम मानो अनजान बना बैठा था. जब कोई मदद नहीं मिली तो गांव वालों ने खुद ही जिम्मेदारी उठाई और खाट को कंधे पर उठाकर 19 किलोमीटर का सफर तय करते दिखे. ग्रामीण जैसे तैसे छोटेबेठिया BSF कैंप पहुंचे. उसके बाद गांव वालों को एम्बुलेंस की मदद मिली. वे सिविल अस्पताल पखांजुर पहुंचे. जहां पीड़ित मरीज का इलाज जारी है.

पखांजूर सिविल अस्पताल के डॉ. सुब्रत मल्लिक ने बताया कि मरीज जब अस्पताल पहुंचा. तब उसकी स्थिति काफी गंभीर बनी हुई थी. अस्पताल पहुंचते ही इलाज शुरू किया गया. प्राथमिक इलाज में मरीज की स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की गई.

यदि समय पर मरीज अस्पताल नहीं पहुंचता तो उसकी स्थिति काफी गंभीर होती और संभवतः उसकी मौत भी हो सकती थी. फिलहाल मरीज का प्राथमिक उपचार किया गया है- डॉक्टर सुब्रत मल्लिक, डॉक्टर, सिविल अस्पताल पखांजूर

डॉक्टर सुब्रत मल्लिक ने बताया कि मरीज को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल भेजने की तैयारी की जा रही है. डॉक्टर मरीज की निगरानी और इलाज में जुटे हुए हैं. जल्द ही उसे बड़े अस्पताल में दाखिल कराया जाएगा.

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