January 22, 2026

CG : पहलगाम आतंकी हमले के बाद पुलिस अलर्ट, पाकिस्तानियों की खोजबीन हुई शुरू

DRG

दुर्ग/ बलौदाबाजार । कश्मीर के पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद छत्तीसगढ़ सरकार आपराधिक गतिविधयों को लेकर अलर्ट हो गई है। इसे लेकर पूरे राज्य में पाकिस्तानियों की पता तलाश शुरू हो गई है। रविवार सुबह दुर्ग पुलिस ने तीन अलग-अलग जगहों पर एएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने छापेमारी की।

दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश में दुर्ग पुलिस के तीन एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर, अभिषेक झा और पद्मश्री तंवर के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीम बनाई गई थी। सभी अधिकारियों ने सुबह 4 बजे पूरे पुलिस बल के साथ छापामारी की कार्रवाई की। इसमें एएसपी अभिषेक झा ने दुर्ग में मोहन नगर थाना अंतर्गत उरला क्षेत्र स्थित बॉम्बे आवास में छापामार कार्रवाई की। इसी तरह एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने भिलाई तीन थाना अंतर्गत हथखोज क्षेत्र में और एएसपी पद्मश्री तंवर ने सुपेला थाना अंतर्गत सुपेला मस्जिद के पीछे वाले क्षेत्र में छापेमारी की है। ये सभी रेड मुख्य रूप से मुस्लिम बाहुल्य स्लम क्षेत्र में की गई है।

दुर्ग ग्रामीण एएसपी अभिषेक झा ने बताया कि पुलिस की टीमों ने तड़के 4.30 बजे से रेड कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस ने हर एक घर की तलाशी ली और वहां लोगों के निवास से संबंधित दस्तावेज चेक किए गए। इसके साथ ही सभी लोगों के फिंगर प्रिंट्स लिए गए। इसे पुलिस अपने ऐप के जरिए आपराधिक रिकार्ड से मिलान करेगी। छापामारी के दौरान पुलिस को बॉम्बे आवास में 4 फरार वारंटी मिले, जिन्हें हिरासत में लिया गया।

उधर बलौदाबाजार जिले के भाटापारा शहर और आसपास के क्षेत्रों में कथित तौर पर सैकड़ों की संख्या में पाकिस्तानी नागरिकों के निवास करने की खबरों ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इनमें से कई लोगों के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद वे कई वर्षों से बेखौफ रह रहे हैं। इस गंभीर मामले ने अब स्थानीय जनता के बीच भी असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या जिला पुलिस और प्रशासन इन संदिग्ध निवासियों की पहचान कर कार्रवाई करेगा या फिर रसूखदारों के संरक्षण में ये लोग बच निकलेंगे? सूत्रों का दावा है कि कुछ पाकिस्तानी नागरिकों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए स्थानीय पहचान पत्र भी हासिल कर लिए हैं, जिससे वे सामान्य भारतीय नागरिकों की तरह जीवन यापन कर रहे हैं। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा है, बल्कि देश की कानून व्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बताया कि अब तक इस तरह की कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। अब सबकी नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। क्या वह इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा या फिर यह मामला भी अन्य कई गंभीर मुद्दों की तरह अनदेखा कर दिया जाएगा।

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