January 24, 2026

CG : सुरक्षाबलों के सामने नक्सलियों ने डाले हथियार, 40 लाख के इनामी 11 माओवादियों ने किया सरेंडर

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नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में नक्सलवाद की कमर टूट रही है। यहां एक ही दिन में 11 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन नक्सलियों पर सरकार ने 40 लाख रुपए का इनाम रखा था। नक्सलियों के सरेंडर की पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में सात महिला नक्सली भी शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नारायणपुर पुलिस, आईटीबीपी और सीमा सुरक्षा बल के प्रयासों से जिले में 11 नक्सलियों जिनमें 4 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल है। उन्होंने सरेंडर कर दिया है। सरेंडर किए नक्सलियों की पहचान सन्नू उर्फ मंगेश (38), संतु उर्फ बदरू वड़दा (35), जनिला उर्फ जलको कोर्राम (36), सुक्की मंडावी (25), शांति कोवाची (20), मासे उर्फ क्रांति (20), सरिता उसेण्डी (19), मंगती (25), देवा राम उर्फ कारू वड़दा (21), रतन उर्फ मुकेश पुनेम (21), और कला उर्फ सुखमती (20) ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।

सरकार ने रखा था 40 लाख का इनाम
अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली सन्नू और संतु के सर पर 8-8 लाख रुपए का इनाम रखा गया था। वहीं, जनिला के सर पर पांच लाख रुपए और सुक्की, शांति, मासे और सरिता के सर पर 3-3 लाख रुपए का इनाम है। अधिकारियों ने बताया कि नक्सली मंगती, देवा और रतन के सर पर 2-2 लाख रुपए का जबकि नक्सली कला के सर पर एक लाख रुपए का इनाम है। सरेंडर किए नक्सली अबूझमाड़ में कई सालों से सक्रिय थे। आत्मसमर्पण करने के बाद इन्होंने कहा कि वे अब विकास का साथ देंगे।

मुख्य धारा में लौटने पर दी सहायता
छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति, नियद नेल्लानार (आपका अच्छा गांव) के प्रचार-प्रसार के अलावा बड़े कैडर के माओवादियों के आत्ससमर्पण के बाद नक्सली सरेंडर कर रहे हैं। प्रदेश सरकार की तरफ उनको दी जा रही विभिन्न सुविधाओं से प्रभावित होकर भी माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने पर नक्सलियों 25 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया है। उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं का भी लाभ दिया जाएगा। इसके साथ ही नक्सलियों का संगठन के विचारों से मोहभंग हुआ है। इतना ही नहीं संगठन के भीतर आंतरिक मतभेद बढ़ रहे हैं।

नक्सलवाद मुक्त का सपना हो रहा साकार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों के ऐसे लगातार आत्मसमर्पण करने से क्षेत्र में नक्सल मुक्त माड़ (अबूझमाड़) का सपना साकार हो रहा है। इससे नक्सली संगठन को झटका लगा है। उन्होंने बताया कि जिले में वर्ष 2024-2025 में अब तक कुल 92 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके अलावा नारायणपुर के अंदर के इलाकों में सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित हो रहे हैं। वहीं, लगातार नक्सल विरोधी अभियान तेजी से हो रहे हैं। इसके चलते नक्सली संगठन पर दबाव बढ़ रहा है।

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