January 23, 2026

CG : फर्जी टेंडर केस में एक्शन; दंतेवाड़ा के पूर्व सहायक आयुक्त आनंदजी सिंह और केएस मसराम गिरफ्तार

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दंतेवाड़ा। आदिवासी विकास शाखा में हुए फर्जी टेंडर केस में बड़ी कार्रवाई जिला प्रशासन की टीम ने की है. दंतेवाड़ा के 2 पूर्व सहायक आयुक्तों की गिरफ्तारी इस केस में की गई है. जिन दो पूर्व सहायक आयुक्तों की गिरफ्तारी हुई है उसमें पूर्व सहायक आयुक्त रहे डॉ आनंदजी सिंह और केएस मसराम शामिल हैं.

फर्जी टेंडर केस में 2 पूर्व अफसरों की गिरफ्तारी: फर्जी टेंडर केस में दंतेवाड़ा में सहायक आयुक्त रहे डिप्टी कमिश्नर डॉ. आनंदजी सिंह की गिरफ्तारी जगदलपुर और रिटायर्ड हो चुके सहायक आयुक्त केएस मसराम की अरेस्टिंग रायपुर से हुई है. फरार चल रहे विभाग के बाबू की तालाश जारी है. पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही फरार बाबू को भी पकड़ लिया जाएगा. इन तीनों पर फर्जी टेंडर केस में शामिल होने का आरोप है. आरोप के खिलाफ तीनों पर एफआईआर भी दर्ज किया गया है. दो पूर्व सहायक आयुक्तों की गिरफ्तारी के बाद से दंतेवाड़ा के सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है.

शिकायत के बाद मामला पंजीकृत कर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. भ्रष्टाचार के आरोपों में शामिल ऑफिस का बाबू फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है. जल्द से जल्द उसकी भी गिरफ्तारी हो जाएगी: आर के बर्मन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक

45 फर्जी टेंडर निकालने का आरोप: दरअसल दंतेवाड़ा के आदिवासी विकास विभाग और जनजाति विकास विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई. गड़बड़ी की शिकायत के बाद दंतेवाड़ा के कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जांच करवाई. जांच में पता चला कि साल 2021 से लेकर अब तक 45 टेंडर फर्जी और गोपनीय तरीके से अधिकारियों ने ठेकेदार से सांठगांठ कर लगाए गए. जांच में दोषी 2 सहायक आयुक्तों और एक कलर्क शक के दायरे में आया जिसके बाद जांच शुरु हुई.

आदिवासी विकास विभाग और जनजाति विकास विभाग: विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आने के बाद वर्तमान आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त राजू कुमार नाग ने दंतेवाड़ा सिटी कोतवाली थाना में लिखित आवेदन दिया. इस आवेदन के आधार पर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी.

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम: शिकायत के बाद पुलिस महकमा हरकत में आया और थाने में बीएनएस और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 318(4),338,336(3)340(2),और 61(2) के तहत गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया. इसके बाद पुलिस ने बिना देर किए दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर लिया. 2 पूर्व अफसरों की गिरफ्तारी के बाद अब फरार चल रहे कर्मचारी की भी तलाश तेज हो गई है. पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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