January 13, 2026

15 दिन की ट्रेनिंग ली और हर महीने 1 लाख कमा रही यह महिला, किसानों की करती हैं मदद, जानें क्या है काम

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ के अछोली गांव के लोग ड्रोन के माध्यम से खेतों पर अपनी नैनो यूरिया और कीटनाशक का उपयोग कर रहे हैं। इस ड्रोन का संचालन जिले की रहने वाली शांति विश्वकर्मा कर रही है। शांति विश्वकर्मा ने बताया कि लखपति दीदी योजना के अंतर्गत वह हर महीने 1 लाख रुपये तक अपने समूह के माध्यम से कमा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी दिन 3 तो किसी दिन 4 हजार रुपये तक कमा लेती हैं।

पहले चलाती थीं स्वसहायता समूह
उन्होंने बताया कि पहले वह अपने घर में ही एक स्व सहायता समूह चलाती थीं। इस समूह में वह कुछ महिलाओं के साथ मिलकर अपने घर में आचार और पापड़ बनाती थीं। इसके बाद जहां भी मेले का आयोजन किया जाता था वहां जाकर आचार और पापड़ बेचती थीं। इसी दौरान समूह के पास ड्रोन सीखने का ऑफर आया। समूह की सभी महिलाओं ने मेरा नाम दिया। इसके बाद 15 दिन की ट्रेनिंग के लिए ग्वालियर गई। वहां ड्रोन पायलट बनने की ट्रेनिंग लेकर आई। इसके बाद बालोद जिले में सीएम विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मेरा सम्मान किया और फिर मुझे ड्रोन की चाबी सौंपी।

उन्होंने कहा कि यह योजना महिला सशक्तिकरण और कृषि क्षेत्र में दक्षता बढ़ाने पर केंद्रित है। शांति विश्वकर्मा ने कहा कि अब वह ड्रोन के माध्यम से किसानों की मदद कर रही हैं। इसके साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य महिलाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण देना है। ड्रोन दीदी योजना का लक्ष्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और खेती में ड्रोन तकनीक को बढ़ावा देना है।

खेतों में करती हैं खाद का छिड़काव
डोंगरगढ़ की शांति विश्वकर्मा इलाके में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं। उन्होंने बताया कि वह इन दिनों खेतों में नैनो यूरिया और कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं। यह छिड़काव तेजी से होता है, जिससे किसानों का समय, श्रम और खर्च बचता हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपनी आय बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि वह हर महीने लगभग 1 लाख रुपये की इनकम होती है।

किसानों से कितना चार्ज
उन्होंने बताया कि वह ड्रोन के माध्यम किसानों की मदद करती हैं। वह एक एकड़ की फसल में खाद और कीटनाशक के छिड़काव का 300 रुपये लेती हैं। उन्होंने बताया कि सभी फसलों के रेट अलग-अलग हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य शासन के सहयोग से उनको लगभग 15 लाख रुपये कीमत की समान फ्री में मिले हैं। जिसमें लगभग 10 लाख रुपये का ड्रोन और पांच लाख रुपये का एक वाहन मिला है जिससे अलग-अलग क्षेत्र में पहुंचकर ड्रोन के माध्यम से खाद और कीटनाशक का छिड़काव किया जा सके।

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