February 21, 2026

छत्तीसगढ़ की जनता पी रही जानलेवा पानी!, 45 लोग बीमार, मिले खतरनाक बैक्टीरिया, जांच रिपोर्ट से मचा हड़कंप

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सरगुजा। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम द्वारा शहर के नवागढ़ इलाके में दूषित पानी का सप्लाई किया जा रहा है. इसकी वजह से लोग पीलिया जैसे गंभीर बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं. 45 से अधिक लोग अब तक पीलिया बीमारी से पीड़ित हो चुके हैं. इसके बाद जब स्थानीय लोगों ने इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी तब मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश में पीड़ित लोगों के घरों में नल के माध्यम से सप्लाई किया जा रहे पेयजल की जांच कराई गई. तब पता चला कि यह पानी पीने योग्य नहीं है और पानी दूषित है.

बदबूदार पानी पी रहे लोग
सरगुजा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी पीएस मार्को ने बताया कि नवागढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाके के लोग लगातार इलाज के लिए पहुंच रहे थे. अधिकतर लोग पेट दर्द के अलावा पीलिया बीमारी से पीड़ित निकल रहे थे. इसके बाद जब लोगों से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने पूछताछ की तब पता चला कि उनके घरों में नल के माध्यम से पेयजल सप्लाई की जा रही है वह काफी बदबूदार है. इतना अधिक बदबूदार है कि वह नहाने योग्य भी नहीं है.

जांच रिपोर्ट से मचा हड़कंप
इसकी सच्चाई जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्मेंट के लैब में पानी का सैंपल लेकर जांच कराया. 10 घरों में आने वाले नल के पानी का सैंपल लिया गया, तब पता चला कि इस पानी में हानिकारक और खतरनाक बैक्टीरिया और कोलाइटिस मौजूद हैं, जिसकी वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं. इस रिपोर्ट के आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इसकी जानकारी कलेक्टर और नगर निगम को देते हुए लोग स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता को भी पत्र लिखा और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है.

अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र के कई इलाकों में इसी तरीके से दूषित पानी सप्लाई की शिकायत लगातार मिलती रही है, लेकिन नगर निगम प्रशासन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में लोगों को नाकाम साबित हो रहा है. जबकि शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हर महीने लाखों रुपए नगर निगम प्रशासन के द्वारा खर्च किए जा रहे हैं. हैरानी की बात तो यह है कि अमृत मिशन योजना के तहत शुद्ध पेयजल सप्लाई के लिए लगातार मॉनिटरिंग करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन उसके बावजूद लोगों को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सका है.

सवाल यह भी उठ रहा है कि नगर निगम लोगों को पानी सप्लाई करने से पहले उसकी रिपोर्ट PHE विभाग के लैब से लेता है और जब पानी पीने योग्य होता है तभी उसकी सप्लाई की जाती है, लेकिन इसके बावजूद पानी दूषित मिल रहा है. बताया जा रहा है की पाइपलाइन में कई जगह पर लीकेज है जिसके कारण ऐसी स्थिति बन रही है. पाइपलाइन नालियों से होकर गुजरी हुई है और यही वजह है कि नालियों का पानी लीकेज की वजह से पेयजल में प्रवेश कर रहा है और लोगों के घर में खतरनाक पानी पहुंच रहा है. आने वाले दिनों में अंबिकापुर नगर निगम लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के मामले में जमीनी स्तर पर गंभीरता से काम नहीं करता है तो स्थिति बिगड सकती है क्योंकि इसी तरीके के लापरवाही मध्य प्रदेश के इंदौर में हुई थी और तब कई लोगों की मौत हुई थी.

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