April 17, 2026

सक्ती वेदांता पावर प्लांट हादसा : 20 मजदूरों की मौत के बाद अनिल अग्रवाल समेत 19 पर FIR, जांच में लापरवाही उजागर

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सक्ति। वेदांता समूह के सक्ती स्थित पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। प्रारंभिक जांच में प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 106, 289 और 3-5 के तहत अपराध दर्ज किया गया है, जिससे मामले ने तूल पकड़ लिया है।

बॉयलर ब्लास्ट में 20 मजदूरों की मौत
14 अप्रैल को हुए बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। इस हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 मजदूर घायल हैं और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है। प्रशासन के अनुसार मृतकों में 5 छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि 15 अन्य राज्यों से काम करने आए थे। इस दर्दनाक घटना के बाद मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश
विष्णु देव साय ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और श्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की है, जिससे प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।

मुआवजे की घोषणा, कंपनी पर दबाव
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है। वहीं वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिवारों को 35-35 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है। इसके अलावा घायलों को 15-15 लाख रुपए देने की बात कही गई है। इस मुआवजे को लेकर कंपनी और प्रशासन दोनों पर जवाबदेही का दबाव बढ़ गया है।

घायलों का इलाज जारी, सुरक्षा पर सवाल
हादसे में घायल मजदूरों का इलाज रायगढ़ और रायपुर के अस्पतालों में जारी है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने दावा किया है कि सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। वहीं इस घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर बहस तेज हो गई है और विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त निगरानी और नियमों का पालन जरूरी है।

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