CG : रायपुर – बीरगांव में कॉलोनियों का बुरा हाल, नाली के बीच से गुजरी पाइपलाइन, नलों से निकल रहे कीड़े और बदबूदार पानी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कई मुहल्लों में नलों से कीड़े और बदबूदार पानी निकल रहे। रायपुर नगर निगम और उससे लगे बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में तो कॉलोनियों का भी बुरा हाल है। सेजबहार हाउसिंग बोर्ड कालोनी फेस-वन में लंबे समय से जलापूर्ति व्यवस्था बिगड़ी हुई है। गर्मी के दिनों में पर्याप्त पानी नहीं मिलता और सर्दी के मौसम में लोगों को गंदा व बदबूदार पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि पिछले कुछ दिनों से नलों से आ रहे पानी में कीड़े तक दिखाई देने लगे। कई घरों में बाल्टी भरते ही गंदगी और काई साफ नजर आ रही है, जिससे लोगों में डर और नाराजगी है। इसी तरह के हालात बीरगांव निगम क्षेत्र के कई वार्डों में भी देखी जा रही हैं। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता (सेजबहार), नितेश कश्यप का कहना है कि “पाइपलाइन के फटने की वजह से पानी गंदा आ रहा था, जिसे ठीक किया गया है। अब लोगों को साफ पानी मिलेगा। वहीं जहां पाइपलाइन लीकेज की और शिकायत मिली है, उसे भी ठीक किया जाएगा।”

कचना हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में पिछले करीब एक महीने से लोगों को गंदा, बदबूदार और दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है, जिससे रहवासियों की सेहत पर सीधा असर पड़ रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नलों से आने वाले पानी में गटर जैसी तेज बदबू आती है और कई बार पानी इतना खराब होता है कि उसमें मरी हुई मछलियां तक दिखाई देती हैं. इस दूषित पानी के कारण कॉलोनी के कई घरों में बच्चे बीमार पड़ चुके हैं. आम लोगों का यह भी कहना है कि कुछ साल पहले इसी इलाके में दूषित पानी पीने से एक महिला की मौत तक हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया.
इसी तरह बीरगांव निगम क्षेत्र के उरकुरा, रांवाभाटा, उरला और बीरगांव बस्ती में भी बिच बिच में नलों से गन्दा या लाल पानी आने की शिकायत हैं। कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोगों को मजबूरी में पानी को उबालकर पीना पड़ता है, इसके चलते लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा हैं। कुछ परिवारों में लोग बीमार हैं, उन्हें बीमारियों से राहत नहीं मिल रही. कई परिवारों को नहाने तक के लिए ड्रम और कंटेनरों में भरकर लाया गया पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है. इससे न केवल दैनिक जीवन पर असर हो रहा है, बल्कि लोगों में डर और आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है.

दोनों ही निगम क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से नलों से थोड़ा-थोड़ा गंदा पानी आ रहा था। लेकिन बीते कुछ दिनों में स्थिति और बिगड़ गई। पानी की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई कि उसे न पीया जा सकता है और न ही रोजमर्रा के कामों में उपयोग किया जा सकता है। मजबूरी में लोग बाजार से पानी खरीदकर पी रहे हैं। इससे परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
नाली से होकर गुजरी पाइपलाइन
सेजबहार कालोनी के स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत कई बार कालोनी परिसर स्थित हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में की गई। लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब लोगों ने खुद पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई। कालोनी की मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन खुले नाले से होकर गुजरी है। यह कई जगह से जर्जर हो चुकी है, जिससे नाली का गंदा पानी रिसकर सप्लाई लाइन में मिल रहा था। यही गंदा पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा था।

हालांकि गुरुवार को पाइपलाइन की मरम्मत कराई गई है। लेकिन रहवासियों का कहना है कि अब भी पानी पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। नाली से होकर गुजरी पाइपलाइन कालोनी की जलापूर्ति की मुख्य पाइपलाइन खुले नाले से गुजरी है। कई जगह पाइप टूटकर कमजोर हो चुके हैं। इसी कारण नाली का गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है और घरों तक पहुंच रहा है।
शिकायतों पर नहीं हुई समय पर कार्रवाई
रहवासियों का कहना है कि उन्होंने महीनों पहले इस समस्या की जानकारी हाउसिंग बोर्ड अधिकारियों को दी थी। लेकिन न तो पाइपलाइन बदली गई और न ही वैकल्पिक साफ पानी की व्यवस्था की गई। समय पर कदम न उठाने से स्थिति और बिगड़ गई।
बीमारियों का खतरा, लोग चिंतित
गंदे पानी के कारण उल्टी-दस्त, त्वचा रोग और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर लोग चिंतित हैं। रहवासियों ने मांग की है कि पाइपलाइन को पूरी तरह बदला जाए और नियमित रूप से पानी की जांच कराई जाए, ताकि उन्हें साफ और सुरक्षित पानी मिल सके।
