‘ज्यादा होशियारी मत दिखाओ’, फाइल देखते ही भड़क गए कलेक्टर, ग्रामीणों से कहा- सूबत है तो लेकर आओ
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने ग्रामीणों को फटकार लगाई है। मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने तालाब की समस्या को लेकर आवेदन दिया। कलेक्टर ने जैसे ही फाइल पढ़ी वह भड़क गए। उन्होंने कहा कि ज्यादा होशियारी मत दिखाओ। जो मौके पर सबूत है उसके आधार पर कार्रवाई होगी। अगर आपके पास तालाब को लेकर कोई सबूत है तो उसे लेकर आओ।
दरअसल, मामला छुरा ब्लॉक के सरकड़ा गांव का है। ग्रामीण निस्तारी तालाब की समस्या को लेकर जनदर्शन में पहुंचे थे। कलेक्टर ने ग्रामीणों से कहा कि ‘कुछ भी बोलते हो, ज्यादा होशियारी मत दिखाओ समझे न, अनावश्यक बात करने से कोई मतलब नहीं है। जो है उसका सबूत पेश करो।’ इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
क्या है ग्रामीणों का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एक तालाब है। इस तालाब में मालगुजार परिवार कब्जा कर लिया है। परिवार ने ताबाल के एक हिस्से में मछली पालन के लिए कृत्रिम जगह बना ली है। जिस कारण से तालाब में पानी नहीं भर पाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी तालाब के पानी से पूरे गांव का गुजारा होता है। ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब का पानी पीने लायक नहीं रह गया है। बदबू के कारण संक्रमण का खतरा है।
ग्रामीणों ने कहा कि कलेक्टर ऑफिस से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा है। समस्या का समाधान नहीं हुआ तो लोगों में विद्रोह होगा। हालांकि अधिकारियों ने दावा किया कि गांव के तालाब का निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इस बात का प्रमाण मिला है कि इस तालाब का निर्माण 1954 में हुआ था। मालगुजार के उत्तराधिकारियों का दावा है कि यह तालाब उनका है। उन्होंने तालाब की निस्तारी रोकने का आवेदन दिया है।
कलेक्टर ने लगाई फटकार
मामले की सुनवाई जब कलेक्टर के पास पहुंची तो उन्होंने कहा कि अगर आपके पास सबूत है तो लेकर आइए। ग्रामीणों की बात सुनकर कलेक्टर गुस्से में आ गए। कलेक्टर भगवान सिंह गांव वालों को धमकाते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने गुस्से में कहा कि ‘कुछ भी बोलते हो, ज्यादा होशियारी मत दिखाओ।’
