January 10, 2026

दंतेवाड़ा में इस साल का सबसे बड़ा सरेंडर, 63 माओवादियों ने डाले हथियार, पूना मारगेम योजना ने तोड़ी नक्सलियों की कमर

NAXAL DD

दंतेवाड़ा। नक्सलगढ़ दंतेवाड़ा में इस साल का सबसे बड़ा नक्सली सरेंडर हुआ है. पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) योजना से प्रभावित होकर एक साथ 63 खूंखार माओवादियों ने हथियार डाल दिए. पुलिस के सामने सरेंडर करने वाले 63 माओवादियों में से 36 नक्सलियों पर इनाम घोषित था. सरेंडर करने वाले माओवादी दरभा, दक्षिण पश्चिम बस्तर, माड़ डिवीजन और ओडिशा में सक्रिय रहे हैं. सरेंडर करने वाले माओवादियों में 18 महिला नक्सली और 45 पुरूष माओवादी शामिल हैं.

63 माओवादियों का सरेंडर, 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार का था इनाम
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार का इनाम घोषित था. 7 माओवादियों पर 8-8 लाख का इनाम, 7 नक्सलियों पर 5-5 लाख का इनाम, 8 माओवादियों पर 2-2 लाख का इनाम, 11 माओादियों पर 1-1 लाख का इनाम और 3 माओवादियों पर 50 हजार का इनाम घोषित था.

पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन) योजना ने तोड़ी माओवादियों की कमर
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि “पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) बस्तर में स्थायी शांति, गरिमा और समग्र प्रगति की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभर रहा है”. बस्तर आई जी ने कहा कि “भारत सरकार, छत्तीसगढ़ शासन, दन्तेवाड़ा पुलिस, सीआरपीएफ तथा स्थानीय प्रशासन क्षेत्र में शांति स्थापना, पुनर्वास सुनिश्चित करने और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. बस्तर आईजी ने ये भी कहा कि माओवादियों को मुख्यधारा में जोड़ने और प्रोत्साहित करने में डीआरजी, बस्तर फाईटर्स दंतेवाड़ा, 111, 195 और 230वी वाहिनी सीआरपीएफ दन्तेवाड़ा का सबसे बड़ा योगदान रहा है.

बचे हुए माओवादियों से सरेंडर की अपील
पुलिस अधीक्षक दन्तेवाड़ा गौरव राय और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार बर्मन ने बताया कि “नक्सल मुक्त बस्तर के संकल्प को पूरा करने के उद्देश्य से लगातार नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है. साथ ही छत्तीसगढ़ शासन की “नक्सल पुनर्वास नीति” के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दन्तेवाड़ा पुलिस द्वारा “पूना मारगेम” (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान संचालित किया जा रहा है. जिससे माओवादी संगठन हिंसा का मार्ग छोड़कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपना रहे हैं, समाज के मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं. इसी का परिणाम है कि दंतेवाड़ा में आज 63 माओवादियों जिनपर 1 करोड़, 19 लाख, 50 हजार का इनाम था, उन माओवादियों ने सरेंडर किया.

क्या है पूना मारगेम और लोन वर्राटू का संदेश
“पूना मारगेम” और “लोन वर्राटू” यह संदेश देते हैं कि हर किसी को हथियार छोड़ समाज की मुख्य धारा में लौटने का अवसर है. दन्तेवाड़ा पुलिस तथा जिला प्रशासन शांति एवं विकास के दोहरे लक्ष्य के लिए प्रतिबद्ध है तथा माओवादियों को संवाद, अवसर और संवेदना के माध्यम से समाज में लौटने का मार्ग देता है. योजना के तहत शासन माओवादियों से अपील करता है कि वो हिंसा का मार्ग त्यागें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें. अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझें और शांति, सद्भाव एवं पुनर्वास का मार्ग अपनाएं. योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं से सरेंडर नक्सली आराम से अपनी जीवन रोजगार के साथ बिता सकते हैं.

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