सस्ता होगे देसी दारू : छत्तीसगढ़ में नहीं बढ़ेंगे दाम, सरकार को होगा बड़ा फायदा, प्रति पेटी 75 रुपये कम दर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल देशी शराब के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे। राज्य सरकार को डिस्टलरी कंपनियों से इस बार पिछले साल के मुकाबले सस्ती दरों पर शराब की सप्लाई मिलेगी, जिससे सरकारी स्तर पर लागत कम होने की उम्मीद है। हालांकि, इस फैसले के बावजूद आम उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर राहत मिलती नहीं दिख रही।
डिस्टलरी कंपनियों ने घटाया रेट
जानकारी के अनुसार, डिस्टलरी कंपनियों ने इस साल सरकार को दिए जाने वाले रेट कोट में कटौती की है। यानी सरकार को अब देशी शराब पहले की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध होगी। बताया जा रहा है कि देशी शराब की एक पेटी पर करीब 75 रुपये तक की कमी आई है, जो सरकार के लिए एक बड़ी बचत मानी जा रही है।
सरकार को सस्ती सप्लाई, बढ़ेगा मार्जिन
सस्ती दरों पर सप्लाई मिलने से सरकार के मार्जिन में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे राज्य को राजस्व के रूप में अधिक आय प्राप्त हो सकती है। यह कदम वित्तीय दृष्टि से सरकार के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, खासकर तब जब आबकारी राजस्व राज्य की आय का बड़ा हिस्सा होता है।
उपभोक्ता को नहीं मिलेगा सीधा फायदा
हालांकि, रेट कम होने के बावजूद आम लोगों को इसका सीधा लाभ नहीं मिलेगा। इसकी वजह है “राउंड ऑफ प्राइस” सिस्टम, जिसके तहत कीमतों को तय सीमा में समायोजित किया जाता है। इस प्रक्रिया के चलते कीमतों में आई कमी उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाएगी और बाजार में बिक्री मूल्य लगभग पहले जैसा ही बना रहेगा।
राउंड ऑफ प्राइस से होगी बड़ी कमाई
सूत्रों के अनुसार, राउंड ऑफ प्राइस सिस्टम के कारण सरकार को करीब 1300 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। यह राशि राज्य के लिए एक बड़ा आर्थिक लाभ मानी जा रही है। यानी जहां एक तरफ सप्लाई सस्ती हुई है, वहीं दूसरी ओर बिक्री मूल्य स्थिर रहने से सरकार की आमदनी में इजाफा होगा।
संतुलन का मॉडल या उपभोक्ता पर असर?
पूरे मामले को देखें तो यह एक ऐसा मॉडल बनता दिख रहा है, जिसमें सरकार को आर्थिक फायदा मिल रहा है लेकिन उपभोक्ता को सीधी राहत नहीं मिल रही। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या भविष्य में इस बचत का कुछ हिस्सा आम जनता तक पहुंचाया जाएगा या फिर यह पूरी तरह राजस्व बढ़ाने की रणनीति ही बनी रहेगी।
