January 11, 2026

छत्तीसगढ़ में अब तक 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी, 25 लाख किसानों को 34,348 करोड़ का भुगतान, टोकन योजना से मिल रही राहत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस वर्ष धान खरीदी अभियान लगातार तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार के ताज़ा अपडेट के अनुसार अब तक 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है (Rice Procurement Update)। खाद्य एवं राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी की सीमा को 15 क्विंटल से बढ़ाकर 21 क्विंटल कर दिया गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।

25 लाख 49 हजार किसानों से खरीदा धान
सरकार ने बताया कि इस साल 25,49,000 किसानों से धान खरीदा गया है और उन्हें अब तक 34,348 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है (Farmers Payment Online)। इसमें से लगभग 12 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त राशि शामिल है, जो किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुल 26,49,000 किसान पंजीकृत हैं। खरीदी के शुरुआती चरण में ही 77 क्विंटल धान 1,17,500 किसानों से खरीदा गया और 1,150 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य 6,38,000 मीट्रिक टन था।

धान खरीदी ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम पर आधारित
सचिव ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी से जुड़े सभी भुगतान ऑनलाइन बैंकिंग सिस्टम (Online Payment System) के जरिए किए जा रहे हैं। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसानों को समय पर राशि मिलती है।

किसानों के लिए “तुम्हार टोकन” योजना शुरू
धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार ने “तुम्हार टोकन” (Tumhar Token Scheme) योजना लागू की है।
अब तक 3,000 से अधिक टोकन जारी किए जा चुके हैं।
लगभग 23 लाख किसान, जिनकी भूमि 5 एकड़ से कम है, इस श्रेणी में आते हैं और उन्हें प्राथमिकता टोकन मिलेंगे।
टोकन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक केंद्रों पर उपलब्ध रहेंगे।
किसान मोबाइल ऐप (Token Mobile App) के माध्यम से भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
जिन किसानों के पास टोकन नहीं है, वे केंद्र जाकर तत्काल टोकन ले सकते हैं।

यह पहल किसानों की भीड़ कम करने और खरीदी को व्यवस्थित बनाने में मदद कर रही है।

समितियों को कमीशन आधारित व्यवस्था
धान खरीदी संचालन का जिम्मा निभाने वाली समितियों को सरकार कमीशन आधारित संरचना (Committee Commission System) पर भुगतान करती है। पिछली साल कुल 2,200 समितियों को 450 करोड़ रुपए जारी किए गए थे। इस वर्ष भी यही व्यवस्था लागू रहेगी ताकि खरीदी केंद्रों का संचालन सुचारू बना रहे।

PDS सिस्टम और राशन कार्ड में बड़े सुधार
सचिव रीना कंगाले ने बताया कि खाद्य सुरक्षा तंत्र (Food Security System) को मजबूत बनाने के लिए राज्य में कई सुधार किए गए-
धान ट्रकों की निगरानी के लिए रेड, येलो और ग्रीन ज़ोन बनाए गए हैं।
अलर्ट सेंटर से निकलने वाले वाहनों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

राज्य में 11 लाख नए गरीब राशन कार्ड जारी (Ration Card Update Chhattisgarh) किए गए हैं, जिससे अब कुल 82 लाख लाभार्थियों को फायदा मिल रहा है। राशन कार्डों के नवीनीकरण के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की यह व्यवस्था “सबसे कॉपरेटिव और फ्रेंडली स्कीम” है, जिसका उद्देश्य हर जरूरतमंद तक खाद्य सुरक्षा लाभ पहुंचाना है।

धान खरीदी में पारदर्शिता और निगरानी पर फोकस
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि धान खरीदी में गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त मॉनिटरिंग (Monitoring System) लागू है। किसी भी तरह की शिकायतों को तुरंत निपटाने के लिए जिलेवार कंट्रोल रूम, हेल्पलाइन और जांच टीमें सक्रिय हैं। किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन शिकायत प्रणाली भी विकसित की जा रही है।

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