January 11, 2026

CG : परीक्षा में कुत्ता वाले सवाल पर बवाल, एक शिक्षिका सस्पेंड, दूसरी बर्खास्त, BEO-प्राचार्य पर भी गिरी गाज

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रायपुर। स्कूल में चौथी कक्षा के अर्धवार्षिक परीक्षा में अंग्रेजी प्रश्न पत्र में गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन हुआ है। एक प्रधान पाठक को जहां सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं दूसरी शिक्षिका की बर्खास्तगी की तैयारी है। वहीं बीईओ व प्राचार्य पर भी गाज गिरी है। दरअसल परीक्षा के प्रश्न पत्र में कुत्ते को लेकर पूछे गये बहुविकल्पीय प्रश्न के उत्तर विकल्पों में धार्मिक संदर्भ से जुड़ा शब्द शामिल होने के कारण विवाद खड़ा हो गया। इसे लेकर हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को आहत होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि इस पूरे विवाद की शुरुआत महासमुंद से हुई थी, लेकिन बाद में रायपुर और गरियाबंद में भी ये विवाद शुरू हो गया। अब रायपुर में कार्रवाई हुई है।

दरअसल, अंग्रेजी प्रश्न पत्र में एक प्रश्न पूछा गया था—“मोना, वो कुत्ते का नाम क्या है?” इसके उत्तर के लिए चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें एक विकल्प “शेरू” के साथ-साथ “राम” भी शामिल था। “राम” हिंदू धर्म के आराध्य देवता हैं और किसी पशु के नाम के विकल्प के रूप में इस शब्द का उपयोग किए जाने को लेकर आपत्ति जताई गई। शिकायत सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।

शिक्षिका हुई निलंबित
जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जिसने पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच की। समिति की रिपोर्ट और अभिमत के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर हिमांशु भारतीय ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच में पेपर निर्माणकर्ता शिखा सोनी, प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला नकटी (खपरी), विकासखंड तिल्दा, जिला रायपुर को दोषी पाया गया। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

शिक्षिका होगी बर्खास्त
इसके साथ ही प्रश्न पत्र के मॉडरेशन की जिम्मेदारी निभाने वाली नम्रता वर्मा, सहायक शिक्षक (संविदा) के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उनके विरुद्ध सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर जब मामला बच्चों की शिक्षा और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा हो।

रामू के चक्कर में राम लिखा गया
इस प्रकरण में दोषी ठहराई गई शिक्षिका शिखा सोनी ने अपने स्पष्टीकरण में भूल स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि प्रश्न के विकल्प में “रामू (RAMU)” शब्द लिखा जाना था, लेकिन अज्ञानवश “यू (U)” छूट जाने के कारण “राम (RAM)” शब्द अंकित हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुनः अवलोकन के दौरान भी यह त्रुटि उनके ध्यान में नहीं आ सकी। शिक्षिका ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म या समुदाय की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था और यह गलती पूरी तरह अनजाने में हुई है। उन्होंने खेद प्रकट करते हुए क्षमा याचना भी की है।

शिक्षिका ने मानी अपनी गलती
वहीं, मॉडरेटर शिक्षक नम्रता वर्मा ने भी अपने स्पष्टीकरण में गलती स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा कार्यालय से प्राप्त कक्षा चौथी अंग्रेजी के दो सेट प्रश्न पत्रों में से एक सेट का निर्माण किया जाना था, जिसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पहले से ही दिए गए थे। उन्होंने विकल्पों को यथावत रखा और अनजाने में “राम” शब्द पर ध्यान नहीं दे पाईं। उन्होंने भी किसी प्रकार की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने की मंशा से इनकार करते हुए भविष्य में ऐसी गलती न करने का आश्वासन दिया है।

इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर ने प्रकरण में लापरवाही को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, तिल्दा को अनुभवी शिक्षक का सही चयन नहीं करने पर चेतावनी पत्र जारी किया है। साथ ही, शहीद स्मारक स्वामी अतिमानंद उत्कृष्ट विद्यालय, रायपुर के प्राचार्य को भी सही मॉडरेटर शिक्षक का चयन नहीं करने के कारण चेतावनी दी गई है।

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