CG : बस्तर होने जा रहा नक्सल मुक्त !, सरेंडर करेगा खूंखार नक्सली बारसे देवा!, माना जाता है हिड़मा का सबसे करीबी, गृहमंत्री विजय शर्मा पहुंचे सुकमा
सुकमा। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा एक बार फिर बस्तर संभाग के दौरे पर हैं। शनिवार देर शाम वे सुकमा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नक्सली पुनर्वास शिविर का निरीक्षण किया और पहले से सरेंडर कर चुके नक्सलियों से मुलाकात की। उन्होंने उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया और अन्य नक्सलियों से भी हिंसा छोड़ मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। इस बीच अब चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि एंटी नक्सल ऑपरेशन से जुड़ी कोई बड़ी खबर निकलकर सामने आ सकती है।

कहा जा रहा है कि नक्सली कमांडर बारसे देवा कल सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर सकता है। डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा पूर्व में देवा की मां से मुलाकात कर चुके हैं और उन्होंने उन्हें समझाते हुए देवा से हथियार छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटने की अपील की थी। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि देवा सरेंडर करता है तो सुकमा व आसपास के इलाकों में नक्सलियों की गतिविधियों को बड़ा धक्का लगेगा।

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री शनिवार शाम सुकमा में नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचे. यहां वे आत्मसर्पण करने वाले नक्सलियों से बातचीत की. विजय शर्मा के अचानक दौरे को लेकर समझा जा रहा है कि नक्सलियों को लेकर फिर कोई बड़ी खबर आने वाली है. हालांकि अभी तक कोई भी ऑफिशियल बयान नहीं आया है.

50 नक्सली हुए थे गिरफ्तार
कुछ दिन पहले आंध्र प्रदेश पुलिस ने बस्तर समेत कई जिलों से 50 नक्सलियों को गिरफ्तार किया था. इसमें SZCM, DVCM, ACM रैंक के नक्सली शामिल थे. इन गिरफ्तार किए गए नक्सलियों में सुकमाजिले के जगरगुंडा, केरलापा, किस्टाराम एरिया कमेटी के लगभग सभी सक्रिय नक्सली भी शामिल थे. देवा और केसा के अलावा बाकी उन सभी की गिरफ्तारी हो गई है, जो यहां सक्रिय थे. ऐसे में अनुमान जताया जा रहा है कि सुकमा नक्सल मुक्त हो गया है.
कौन है बारसे देवा
माडवी हिड़मा के सीसी मेंबर बनने के बाद नक्सलियों ने बटालियन नंबर 1 की कमान 42 वर्षीय बारसे देवा उर्फ सुक्का उर्फ देवन्ना को सौंप दी। सरकार ने उसके सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम रखा है। AK-47 लेकर चलने वाला देवा बारसे दक्षिण सब जोनल ब्यूरो, दरभा डिवीजन प्रभारी, प्रेस यूनिट और डिविजनल कोऑर्डिनेशन जैसे बड़े पदों पर काम कर चुका है। वो अनपढ़ है, लेकिन उड़िया, तेलुगु, मराठी और हिंदी भाषा जानने के कारण संगठन में बेहद प्रभावशाली माना जाता है। लंबे समय तक सिविल मिलिट्री में काम करने के कारण वह रणनीति बनाने में माहिर है। उसने 25 मई 2013 का दरभा-झीरम घाटी हमले में अहम भूमिका निभाई थी, जिसमें कई बड़े कांग्रेस नेताओं की हत्या हुई थी। 26 अप्रैल 2023 को अरनपुर हमले में 10 जवानों की शहादत का जिम्मेदार है. दंतेवाड़ा-सुकमा में हुई वारदातों में उसकी कमेटी सक्रिय थी। देवा बरसे कई बड़े नक्सली अभियानों को लीड कर चुका है। उसे हिडमा के बाद सबसे खतरनाक ऑपरेशनल कमांडर माना जा रहा है. यही वजह है कि सुरक्षा बल उसकी खोज तेजी से कर रहे हैं।
क्या सुकमा हुआ नक्सलमुक्त?
आंध्र प्रदेश पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार हुए नक्सलियों के जगरगुंडा, केरलापाल एरिया कमेटी समेत कई सक्रिय नक्सली शामिल थे. जगरगुंडा एरिया कमेटी का प्रमुख नक्सली कमांडर लखमा भी गिरफ्तार हुआ था. उसके अलावा सालों से नक्सलियों के जमीनी स्तर सक्रिय मदन्ना उर्फ जग्गु दादा भी गिरफ्तार हो चुका है. इलाके में चर्चित एरिया कमांडर सोड़ी मनीला की भी गिरफ्तारी हो चुकी है. इस गिरफ्तारी के बाद देवा और केसा के अलावा बाकी जिले के लगभग सभी नक्सलियों की गिरफ्तारी हो गई है. ऐसे में बताया जा रहा है कि बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है.
