January 24, 2026

छत्तीसगढ़ के 38 लाख राशनकार्ड धारकों के लिए अलर्ट!, 30 जून से पहले करा लें ये काम, नहीं तो राशन में होगी परेशानी

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रायपुर। भारत सरकार की सभी राज्यों में ‘एक राष्ट्र, एक राशनकार्ड’ योजना चलाई जा रही है। इसके लिए छत्तीसगढ़ में बड़ा अपडेट सामने आया है। एक राष्ट्र, एक राशनकार्ड के अंतर्गत राशनकार्ड होल्डर के लिए ई केवाईसी कराना जरूरी हो गया है। प्रदेश में यह काम 30 जून तक पूरा करना है। ईकेवाईसी की प्रक्रिया इसलिए पूरी की जा रही है ताकि राशन वितरण में कोई गड़बड़ी नहीं हो। साथ ही राशन सही लोगों तक पहुंचे।

दरअसल, प्रदेश में अभी भी लाखों लोगों का ई केवाईसी बाकी है। साथ ही प्रदेश में एक राष्ट्र, एक राशनकार्ड योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए यह कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार चाहती है कि राशन कार्ड से जुड़े सभी लोगों का आधार कार्ड से वेरिफिकेशन हो जाए। इसलिए परिवार के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी कराना जरूरी है।

81 लाख से अधिक राशनकार्ड एक्टिव
जानकारी के अनुसार वर्तमान में राज्य में 81.56 लाख राशनकार्ड प्रचलन में हैं। इनमें 2.73 करोड़ सदस्य रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 2.35 करोड़ सदस्यों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जबकि लगभग 38 लाख सदस्यों का वेरिफिकेशन होना बाकी है। भारत सरकार ने 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को ई-केवाईसी से छूट दी है।

राशन की दुकान पर ईकेवाईसी की सुविधा
खाद्य सचिव रीना कंगाले ने बताया ईकेवाईसी कराने की सुविधा राज्य की सभी राशन दुकानों में है। उचित मूल्य की दुकानों में ई-पॉस मशीनें लगी हैं, जिससे यह काम हो रहा है। इसके अलावा घर बैठे भी ई केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए भारत सरकार ने ‘मेरा ई-केवाईसी’ नाम का एक मोबाइल एप बनाया है।

घर बैठे कर सकते हैं केवाईसी
मेरा ई-केवायसी एप के माध्यम से ई-केवाईसी करने के लिए एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करें। इसके बाद एप ओपन कर राशनकार्ड धारक अपने राज्य का चयन करें।
इसके बाद अपना आधार नंबर डालें। इस बात का ध्यान रखें आधार में लिंक मोबाइल नंबर एक्टिव हो।
इसके बाद मोबाइल नंबर मिले आधार ओटीपी को डालें।
इस ऐप के माध्यम से फेस ई-केवाईसी कर सकते हैं।

30 जून से पहले करा लें ईकेवाईसी
खाद्य सचिव कंगाले ने सभी राशनकार्ड धारकों से अपील की है कि वे 30 जून 2025 से पहले अपना और परिवार के सभी सदस्यों का ई-केवाईसी जरूर करवा लें। उन्होंने कहा कि इससे खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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