April 9, 2026

घोटाला : सहकारी समिति भ्रष्टाचार उजागर, किसान ठगी केस, 3 साल बाद दर्ज हुई FIR

bmttmmt

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से भ्रष्टाचार और किसानों के साथ धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति उमरिया के तत्कालीन प्रबंधक लालाराम चंद्राकर पर किसान से 2 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 409 (अमानत में खयानत) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

3 साल बाद खुला घोटाले का सच
यह मामला मई 2023 का है, जब ग्राम मरजादपुर निवासी किसान पतिराम निर्मलकर ने अपने ट्रैक्टर लोन की बकाया किश्त चुकाने के लिए 2 लाख रुपये नगद समिति प्रबंधक को सौंपे थे। प्रबंधक ने किसान को संस्था की सील लगी फर्जी रसीद भी थमा दी, जिससे किसान को विश्वास हो गया कि उसका कर्ज चुका दिया गया है।

बैंक स्टेटमेंट ने खोली पोल
कुछ समय बाद जब किसान ने बैंक की दाढ़ी शाखा से अपने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो वह हैरान रह गया। खाते में एक भी रुपया जमा नहीं हुआ था और उसके कर्ज पर लगातार ब्याज बढ़ता जा रहा था।

फर्जी हस्ताक्षर का भी आरोप
पीड़ित किसान ने यह भी आरोप लगाया है कि उसकी अनुपस्थिति में उसके फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से पैसे निकालने की कोशिश भी की गई। इससे पूरे मामले में धोखाधड़ी का दायरा और गंभीर हो गया है।

जांच में दोषी, फिर भी कार्रवाई में देरी
हैरानी की बात यह है कि जनवरी 2025 में ही जांच रिपोर्ट में प्रबंधक को दोषी पाया गया था। इसके बावजूद करीब सवा साल तक पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी की।

गृहमंत्री के हस्तक्षेप के बाद हरकत में आई पुलिस
लगातार न्याय की मांग करते हुए पीड़ित किसान ने अंततः प्रदेश के गृहमंत्री से शिकायत की। उच्च स्तर से निर्देश मिलने के बाद बेमेतरा पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया।

अभी गिरफ्तारी बाकी
खंडसरा चौकी प्रभारी केवल सिंह नेताम के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

error: Content is protected !!