प्राचार्य पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत, जांच के आदेश
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिलान्तर्गत ग्राम पंचायत तुमा स्थित शासकीय हाई स्कूल के प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगने के बाद ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है. ग्राम पंचायत तुमा के सरपंच परमेश्वर साहू और सचिव रामकुमार चतुर्वेदी ने जिला कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगोई को शिकायत पत्र सौंपकर प्राचार्य मनोज बंजारे के कथित आचरण की जांच कराने की मांग की है.
नशे की हालत में विद्यालय पहुंचने के आरोप
शिकायत में पंचायत प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य कथित तौर पर नशे की हालत में विद्यालय पहुंचते हैं, जिससे स्कूल का शैक्षणिक एवं अनुशासनात्मक माहौल प्रभावित हो रहा है. ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने प्राचार्य को कई बार नशे की हालत में देखा है.वहीं पंचायत प्रतिनिधियों ने एक घटना में उन्हें कथित रूप से नशे की हालत में पकड़े जाने की बात कही है. उनका दावा है कि इस घटना से संबंधित वीडियो भी उनके पास मौजूद है.
कार्रवाई नहीं तो स्कूल में होगी तालाबंदी
ग्राम पंचायत तुमा के सरपंच परमेश्वर कुमार साहू ने कहा कि लगातार शिकायत के बाद प्राचार्य मनोज बंजारे के विरुद्ध गंभीर शिकायत दर्ज कराई है. शिक्षक प्रतिदिन नशे की हालत में स्कूल पहुंचते हैं, जिससे विद्यार्थियों और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. ग्रामीणों और विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक को कई बार समझाया गया, लेकिन उनके आचरण में कोई सुधार नहीं आया. स्थिति से परेशान होकर ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और जिला कलेक्टर के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है.
यदि प्रशासन जल्द से जल्द उचित कार्रवाई नहीं करता है, तो हम बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए स्कूल में तालाबंदी करने के लिए विवश होंगे- परमेश्वर साहू,सरपंच ग्राम तुमा
कलेक्टर ने DEO को सौंपी जांच
मामले को लेकर जिला कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगोई ने कहा कि ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा एक शिक्षक के आचरण और उनके कथित रूप से नशे की हालत में स्कूल में रहने की शिकायत की गई है. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं.कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य और निष्कर्ष सामने आएंगे, उसी के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी- प्रतिष्ठा ममगोई, कलेक्टर
विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के प्रधान के पद पर बैठे व्यक्ति से अनुशासन और जिम्मेदारी की अपेक्षा होती है. ऐसे में प्राचार्य के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों से स्कूल की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस तरह की स्थिति से विद्यार्थियों की पढ़ाई और विद्यालय का वातावरण प्रभावित हो रहा है. पंचायत प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित प्राचार्य के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है.
