लोहिया पेपर मिल में श्रमिक की मौत के बाद हंगामा, लापरवाही पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिलान्तर्गत बेरला विकासखंड में एक मजदूर की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ. इस मामले में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्षेत्र के नेवनारा स्थित लोहिया पेपर मिल में कार्यरत एक श्रमिक की कार्यस्थल पर बने गहरे गड्ढे में उतरा था जहां अचानक दीवार गिरने से असामयिक मौत हो गई. इस दुखद हादसे के बाद से ही फैक्ट्री प्रबंधन की कथित लापरवाही के खिलाफ चौतरफा आक्रोश फूट पड़ा है.

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ी भारी
जानकारी के अनुसार, मृतक श्रमिक की पहचान मोहनदास बंजारे के रूप में हुई है, जो लोहिया पेपर मिल मे मजदूरी करता था. रोजमर्रा की तरह काम करने के दौरान परिसर में स्थित एक गहरे गड्ढे उतरा था तभी दीवार गिरने से चपेट में आ गया. सुरक्षा उपकरणों और पुख्ता इंतजामों के अभाव के चलते मोहनदास खुद को संभाल नहीं सका और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया. इस दर्दनाक हादसे के बाद मिल परिसर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में काम रोक दिया गया.
परिजनों के समर्थन में उतरी क्रांति सेना
श्रमिक की मौत की खबर मिलते ही भीम रेजीमेंट एवं छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में नेवनारा पहुंच गए. पीड़ित परिवार के आंसू देख आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने फैक्ट्री के मुख्य द्वार पर डेरा डाल दिया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. क्रांति सेना ने मृतक के आश्रितों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रबंधन के समक्ष स्पष्ट शर्तें रखी हैं
फैक्ट्री प्रबंधन से तीन मांग
50 लाख की तात्कालिक आर्थिक सहायता: पीड़ित परिवार को संबल देने के लिए प्रबंधन तुरंत पचास लाख रुपये की मुआवजा राशि जारी करे.
आश्रित को स्थाई रोजगार: मोहनदास के परिवार के भरण-पोषण के लिए उनके किसी एक योग्य सदस्य को मिल में तत्काल स्थाई नौकरी दी जाए.
लापरवाही पर सख्त कानूनी एक्शन: कार्यस्थल पर बुनियादी सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने के लिए मिल के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए.
पुलिस ने कहा कि नेवनारा के लोहिया पेपर मिल मे व्यक्ति की मौत हुई है. पेपर मिल और मृतक के परिजन के बीच मुआवजा को लेकर चर्चा चल रही है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है.
