May 25, 2026

अबूझमाड़ के गोडबोले दंपति को पद्मश्री सम्मान, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक पद्म सम्मान का वितरण नई दिल्ली में हुआ. राष्ट्रपित द्रौपदी मुर्मू ने पद्म सम्मान प्रदान किया. छत्तीसगढ़ से विशिष्ट हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्राप्त हुए हैं. चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में दशकों से दंतेवाड़ा और अबूझमाड़ में सेवा कर रहे डॉक्टर दंपति रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले एवं सुनीता गोडबोले को यह सम्मान मिला है. उन्हें राष्ट्रपति ने इस सम्मान से नवाजा है.

नारायणपुर के गोडबोले दंपति को सम्मान
स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में नारायणपुर और अबूझमाड़ में लोगों की सेवा करने वाले गोडबोले दंपति को यह सम्मान मिला है. डॉ. रामचंद्र गोडबोले एवं उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले को संयुक्त रूप से पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है. डॉ. रामचंद्र गोडबोले और उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले बीते 37 साल से चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं. ये दोनों अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाकों में लोगों को मुफ्त में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहे हैं. बारसूर स्थित वनवासी कल्याण आश्रम में रहकर सेवा देने वाले डॉक्टर रामचंद्र गोड़बोले और उनकी पत्नी सुनीता गोड़बोले मूल रूप से महाराष्ट्र के सतारा जिले के रहने वाले है.

90 के दशक से कर रहे सेवा
लगभग 90 के दशक में बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिलें के बारसूर में आकर यहां लगातार सेवा दे रहे हैं. दोनों दंपति अलग अलग क्षेत्रों में ग्रामीणों के बीच जाकर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा सेवा से लेकर नशामुक्ति के क्षेत्र में काम कर रहे है. बस्तर संभाग के अबूझमाड़ के अंदरुनी गांवों में नक्सल दहशत होने के बाद भी स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने में अहम योगदान दी. इन्होंने कुष्ठ रोग, टीबी, पीलिया, मलेरिया जैसे गम्भीर बीमारियों को लेकर आदिवासी ग्रामीणों के बीच जाकर जागरूकता फैलाई. और गंभीर बीमारियों से निजात दिलाने में सफ़लता दिलाई .

सीएम साय ने गोडबोले दंपति को दी शुभकामनाएं
पद्मश्री सम्मान मिलने पर सीएम साय ने गोडबोले दंपति को बधाई और शुभकामनाएं दी है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा बस्तर के सुदूर जनजातीय अंचलों में दशकों से निःस्वार्थ चिकित्सा सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं मानवता की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत करने वाले डॉ. रामचंद्र गोडबोले जी एवं श्रीमती सुनीता गोडबोले जी को पद्म श्री सम्मान से अलंकृत किया जाना समूचे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है.

गोडबोले दंपति ने वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़कर अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज की सेवा के लिए समर्पित कर दिया. बारसूर जैसे दूरस्थ क्षेत्र और कठिन वनांचल में रहकर उन्होंने नि:शुल्क उपचार, कुपोषण मुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता और जनविश्वास निर्माण के लिए उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय है.सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की यह साधना राष्ट्र निर्माण का श्रेष्ठ उदाहरण है. इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर गोडबोले दंपति को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं.

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