इनोवेशन महाकुंभ का बस्तर यूनिवर्सिटी में समापन, सीएम साय बोले बस्तर में स्टार्टअप की अपार संभावनाएं
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में नवाचार को लेकर के आयोजित इनोवेशन महाकुंभ 1.0 के समापन हुआ.दो दिवसीय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वन मंत्री केदार कश्यप और वित्त मंत्री ओपी चौधरी शामिल हुए. इस कार्यक्रम में देशभर के करीब 50 विशेषज्ञ भी मौजूद थे. साथ ही साथ 200 पुनर्वासित माओवादी और 1 हजार से अधिक छात्र भी इस कार्यक्रम का हिस्सा बने. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को चार ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए बढ़ते बाजार में बस्तर के युवाओं के लिए कई संभावनाएं हैं. आने वाला समय बस्तर का है नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में नवाचार और विकास काफी तेजी से होगा.
बस्तर के युवाओं को दिया संदेश
सीएम ने कहा कि देश तेजी से विकसित हो रहा है और स्टार्टअप एवं इनोवेशन की संभावनाएं काफी ज्यादा है. विशेषकर बस्तर जैसे क्षेत्रों में युवाओं को अपने कौशल विकास और क्षमता विकास पर निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है. केवल शैक्षिक संस्थान की डिग्री के भरोसे ही बैठना सही नहीं है. बल्कि एंटरप्रेन्योरशिप और जोखिम लेकर युवा बहुत कुछ बेहतर कर सकते हैं. उन्होंने बस्तर में युवाओं को वन उत्पाद पर्यटन, कला, संस्कृति और इसी से जुड़ी गतिविधियों पर नवाचार करने की सलाह दी.
यह विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक दे रही है,जो महत्वपूर्ण पहल है. बस्तर में प्रतिभा की कमी नही है. भारतदेश के विशेषज्ञों ने सभी की जानकारी दी है. इस महाकुंभ का फायदा लेने पुनर्वासित माओवादी भी आए हैं. जो एक सफल निर्णय रहा. छत्तीसगढ़ समृद्ध प्रदेश है. छत्तीसगढ़ में खनिज संपदा अधिक है. वनोपज भी भरपूर है. छत्तीसगढ़ के विकास में रोड़ा रहा माओवाद अब समाप्त हो गया है- विष्णुदेव साय,सीएम छग
बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं
सीएम साय ने कहा कि केरल राज्य से बड़े बस्तर संभाग में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. बस्तर के दुख के दिन निकल गए. बस्तर में काफी विकास होगा. नक्सलवाद की लड़ाई के साथ विकास भी किया गया. नियद नेल्लानार योजना में काम हुआ. 500 से अधिक गांव में काफी काम हुआ. बिजली, पानी, सड़क और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई. अब छत्तीसगढ़ के 10 जिलो में 2.0 नियद नेल्लानार योजना चलाया जाएगा. अब बस्तर में नई योजना अग्रणी बस्तर चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर योजना चल रही है.
”सबसे अच्छा आदिवासी संभाग बनाएंगे”
सीएम साय ने कहा कि बस्तर संभाग को देश का सबसे अच्छा आदिवासी संभाग बनाएंगे. यह क्षेत्र जितना पिछड़ा था उतना आगे बढ़ाएंगे. नई उद्योग नीति की देश विदेश में सराहना हो रही है.8 लाख करोड़ रुपये का MOU हुआ है. और काम भी जारी है. कई उद्योग धरातल में शुरु हो गए हैं. जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा. 2 साल के भीतर 20 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी मिली है. 5 हजार शिक्षकों की नौकरी निकाली गई है. सभी को नौकरी देना तो संभव नहीं है. इसीलिए उद्योग का काम हो रहा है. महाकुंभ में शामिल हुए सभी छात्रों का आभार.
पुनर्वासित नक्सली भी हुए शामिल
सीएम साय ने कहा कि बस्तर इनोवेशन महाकुंभ का फायदा लेने पुनर्वासित माओवादी भी आए हैं, जो एक सफल निर्णय रहा. छत्तीसगढ़ समृद्ध प्रदेश है. छत्तीसगढ़ में खनिज संपदा अधिक है. वनोपज भी भरपूर है. छत्तीसगढ़ के विकास में रोड़ा रहा माओवाद अब समाप्त हो गया है.सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि पिछले 40 वर्षों में जहां -जहां विकासकार्य रुका हुआ था.वहां विकास कार्य किया जाएगा.अबूझमाड़ का सर्वे किया जाएगा. वहीं बस्तर में नियद नेल्लानार योजना के साथ ही मुन्ने बस्तर योजना की शुरुआत होगी.
वित्त मंत्री ने अपने कार्यकाल का किया जिक्र
वहीं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पुनर्वासित नक्सलियों का स्वागत करते हुए बस्तर के विकास में सहभागी बनने की बात कही. उन्होंने युवाओं को उद्यमिता (इंटरप्रेन्योरशिप) में जोखिम लेने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बस्तर की पूर्व परिस्थितियों और दंतेवाड़ा जिले में कलेक्टर के रूप में अपने कार्यकाल के अनुभवों का भी जिक्र किया.
आपको बता दें कि शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय इनोवेशन महाकुंभ के जरिए समूचे बस्तर के विश्वविद्यालय में कोर्स और उनसे जुड़े प्रयोगात्मक अध्ययन पर जोर दिया जा रहा है.जिससे युवा पीढ़ी इनोवेशन और रोजगार के नए अवसरों का सृजन कर सके.
