CG : निजी स्कूलों की मनमानी पर कसा शिकंजा, अवैध फीस वसूली पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, 4 बिंदुओं पर होगी बड़ी जांच
रायपुर। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर अब प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए अवैध फीस वसूली पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग ने साफ कहा है कि अभिभावकों से जबरन अतिरिक्त शुल्क लेना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस फैसले से लंबे समय से परेशान अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
कलेक्टर और DEO को मिले स्पष्ट निर्देश
शिक्षा विभाग ने जिले के कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निजी स्कूलों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए। आदेश में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा तय नियमों के बाहर जाकर किसी भी तरह की फीस वसूली की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच की जाए। साथ ही दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई भी संस्था नियमों की अनदेखी न कर सके।
चार बिंदुओं पर होगी विस्तृत जांच
इस पूरे मामले में शिक्षा विभाग ने चार प्रमुख बिंदु तय किए हैं जिन पर जांच की जाएगी। इनमें फीस स्ट्रक्चर की पारदर्शिता, अतिरिक्त शुल्क की वैधता, अभिभावकों को दी जाने वाली रसीदों की जांच और स्कूलों द्वारा तय नियमों का पालन शामिल है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई तय
विभाग ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसमें मान्यता रद्द करने से लेकर आर्थिक दंड तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है। प्रशासन का कहना है कि शिक्षा के नाम पर किसी भी प्रकार की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अभिभावकों को मिलेगा राहत का भरोसा
इस कार्रवाई से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से कई निजी स्कूलों पर मनमानी फीस वसूलने के आरोप लगते रहे हैं जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा था। अब शिक्षा विभाग के सख्त रुख से यह संदेश गया है कि अभिभावकों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी और उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
