March 27, 2026

यौन उत्पीड़न मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वानंद को बड़ी राहत, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत

Swami-Avimukteshwaranand

इलाहाबाद। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली हैं. कथित यौन उत्पीड़न और पोस्को एक्ट के तहत दर्ज मामले में कोर्ट ने बुधवार को जमानत दे दी है. जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच ने दोपहर 3:45 बजे यह अहम फैसला सुनाया. इलाहाबाद हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी परर रोक लग गई हैं.

बेंच ने पहले ही कर लिया था फैसला सुरक्षित
गौरतलब है कि इस मामले में पिछली सुनवाई 27 फरवरी को हुई थी, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और तब तक के लिए कोर्ट ने शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. मीडिया रिपोर्ट की माने तो आज दोपहर बाद जस्टिस सिन्हा की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए जमानत याचिका को हरी झंडी दिखा दी है.

क्या है शंकराचार्य का पक्ष?
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील पीएन मिश्रा ने तर्क दिया था कि यह पूरा मामला साजिश के तहत बनाया गया है. शंकराचार्य ने खुद भी पहले कहा था कि जिस बालक के शोषण की बात कही जा रही है, वह कभी उनके मठ में रहा ही नहीं. उन्होंने इसे प्रशासन और विरोधियों की मिलीभगत करार दिया था.

क्या है पूरा मामला
बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से और उनके एक शिष्य पर नाबालिगों के यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं. प्रयागराज की एक विशेष POCSO अदालत ने पुलिस को आदेश दिया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए. इस मामले की शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अदालत में की थी. अदालत में कथित पीड़ित नाबालिगों के बयान दर्ज किए गए और कुछ सबूत भी पेश किए गए, जिसके बाद अदालत ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया.

इसके बाद प्रयागराज के झूंसी थाना में FIR दर्ज की गई और जांच शुरू हुई. आरोप यह भी है कि पिछले एक साल के दौरान दो लोगों के साथ कथित यौन उत्पीड़न हुआ. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO एक्ट की कई धाराओं के तहत जांच की जा रही है.

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