‘वे असली हिंदू नहीं…’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने CM योगी पर साधा निशाना, बोले- उन्हें 40 दिनों का समय दिया था
बिलासपुर। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बुधवार (18 मार्च) को बिलासपुर के दौरे पर रहे. उन्होंने यहां अलग-अलग विषयों पर अपनी राय रखी. गौ रक्षा को लेकर वर्तमान सरकार और सत्तारूढ़ पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कथनी और करनी में अंतर है. कथनी कुछ और है और करनी कुछ और है. यही वजह है कि जब मंच पर माइक मिलता है और कैमरा सामने आता है हमारे राजनेता बोलते कुछ और हैं, धरातल पर काम देखने जाएं तो कुछ और ही होता है.
‘आवाज दबाने के लिए हिस्ट्रीशीटरों का इस्तेमाल’
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंकराचार्य गौरक्षा की बात कर रहे हैं. सत्तारूढ़ पार्टियां है वे गौरक्षा करने को तैयार नहीं हैं. सत्ता में लंबी अवधि गुजारने के बाद भी वे तैयार नहीं हैं. उन्होंने आगे कहा कि वे शंकराचार्य की आवाज को दबाने के लिए हिस्ट्रीशीटरों का इस्तेमाल कर रहे हैं. हम सवाल खड़े कर रहे हैं इसलिए टारगेट किया जा रहा है.
वे असली हिंदू नहीं हैं- शंकराचार्य
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के हिंदू होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने उन्हें 40 दिनों का समय दिया था. उनके पास मौका था कि 40 दिनों में खुद को असली हिंदू घोषित करते, वे सिद्ध नहीं कर पाए. ये प्रमाणित हो गया है कि वे असली हिंदू नहीं हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मतभेद होने की बात पर शंकराचार्य ने कहा कि हमारे किसी से भी मतभेद नहीं हैं. कोई गौ माता को बचाने की बात कह करके वोट लेगा और गौ रक्षा नहीं कर पाएगा तो उसके विरुद्ध बोलेंगे. उनकी नीयत वोट लेने की है हिंदुओं के लिए काम करने की नहीं है.
सनातन को कालनेमियों से खतरा
शंकराचार्य ने कहा कि सनातन खतरे में है, लेकिन ये किसी और से नहीं, सनातन में घुल-मिलकर रह रहे कालनेमियों से है. उनसे बचा जाना चाहिए. इसके साथ ही यूजीसी के नए नियम के बारे में शंकराचार्य ने कहा कि ये हिंदू समाज को बांटने वाला कानून है. ये राष्ट्रद्रोह है, इस तरह का कानून किसी भी दशा में क्रियान्वित नहीं होना चाहिए.
