छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा का टिकट, BJP ने जारी की लिस्ट, महिला आयोग सदस्य की नई पारी
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। छत्तीसगढ़ से पार्टी ने लक्ष्मी वर्मा को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए उनके नाम पर मुहर लगाई है।
कौन हैं लक्ष्मी वर्मा
लक्ष्मी वर्मा भाजपा की वरिष्ठ और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं। वे पूर्व में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ उन्होंने पार्टी की प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाली है। राजनीतिक अनुभव के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वे रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं और जमीनी राजनीति से लेकर संगठनात्मक स्तर तक सक्रिय रही हैं।
ओबीसी और कुर्मी समाज से संबंध
लक्ष्मी वर्मा को प्रदेश में ओबीसी चेहरे के रूप में भी देखा जाता है। वे कुर्मी समाज से आती हैं और समाज में उनकी अच्छी पैठ मानी जाती है। सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने उनके नाम पर मुहर लगाई है। राज्यसभा के लिए उनका नाम घोषित होने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब निर्धारित प्रक्रिया के तहत वे नामांकन दाखिल करेंगी।
संगठन में लंबा अनुभव
लक्ष्मी वर्मा वर्ष 1990 से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्य हैं। वर्ष 2000 में उन्हें रायपुर के तत्कालीन सांसद रमेश बैस का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया गया। 2001 में वे भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कार्यसमिति की सदस्य बनीं और चार वर्षों तक यह जिम्मेदारी निभाई।
2010 से 2014 तक वे भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यसमिति की सदस्य रहीं। इसके साथ ही 2010 से 2022 तक महिला मोर्चा कार्यसमिति में सक्रिय भूमिका निभाती रहीं। संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए 2021 से 2025 तक उन्हें भाजपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया। इसके अलावा 2021 से 2024 तक वे गरियाबंद की संगठन प्रभारी रहीं और भाजपा की मीडिया प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाली।
संवैधानिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां
लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू हुआ। 1994 में वे रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 07 से पार्षद निर्वाचित हुईं। 2010 में रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष बनीं। वर्ष 2019 में उन्होंने एफएसएनएल स्टील मंत्रालय भारत सरकार में स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्य किया। 7 अक्टूबर 2024 से वे छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य के रूप में संवैधानिक दायित्व निभा रही हैं।
सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका
लक्ष्मी वर्मा सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। 1998 में वे शक्ति महिला मंच रायपुर की अध्यक्ष बनीं। 1999 में उन्हें नेहरू युवा केंद्र रायपुर से जिला युवा पुरस्कार मिला। 2004 में वे श्रम पुनर्वास समिति जिला रायपुर की सदस्य मनोनीत की गईं। 2009 से वे मजदूर यूनियन छत्तीसगढ़ एकता मजदूर कल्याण संघ की प्रधान संरक्षक हैं। 2011 से कुटुंब न्यायालय रायपुर में परामर्शदाता सदस्य के रूप में कार्य कर रही हैं। 2023 से वे अखिल भारतीय पंचायत परिषद की राष्ट्रीय महासचिव हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड की उपाध्यक्ष भी हैं।
समाज में मजबूत पकड़
लक्ष्मी वर्मा की मनवा कुर्मी समाज में भी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वे 2000 से 2006 तक मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला महामंत्री रहीं। बाद में प्रदेश संगठन मंत्री और प्रदेश महिला अध्यक्ष का दायित्व भी संभाला। वर्तमान में वे अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा की महिला राष्ट्रीय महासचिव हैं। राज्यसभा के लिए उनके नाम की घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब नामांकन प्रक्रिया निर्धारित तिथि के अनुसार आगे बढ़ेगी।
