CG : राजधानी में प्रदूषण फैला रहे पुष्प स्टील्स-SKA इस्पात समेत 11 उद्योगों पर एक्शन, 9.22 लाख जुर्माना वसूला-बिजली कनेक्शन काटे, मानकों में पाई गईं गंभीर खामियां…
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और उसके आसपास के औद्योगिक इलाकों में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले 15 दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाले पुष्प स्टील्स और एसकेए इस्पात सहित कुल 11 उद्योगों में उत्पादन बंद कराया गया और उनके बिजली कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए गए।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक 10 से 25 फरवरी 2026 के बीच औद्योगिक क्षेत्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई इकाइयों में वायु प्रदूषण और अन्य मानकों में गंभीर खामियां पाई गईं।
चरौदा स्थित मेसर्स पुष्प स्टील्स एंड माइनिंग प्रा. लिमिटेड में भारी वायु प्रदूषण मिलने पर 10 फरवरी को ही विद्युत विच्छेदन की कार्रवाई की गई। इसी तरह सिलतरा के एसकेए इस्पात और गोंदवारा के छत्तीसगढ़ फेरो ट्रेडर्स में प्रदूषण मानक पूरे नहीं होने पर उन्हें सील कर दिया गया।

मेटल पार्क रावांभाठा में 11 इकाइयों पर कार्रवाई
रावांभाठा के मेटल पार्क क्षेत्र में अवैध और प्रदूषणकारी स्लैग क्रशर्स पर भी कार्रवाई की गई। निरीक्षण में 9 स्लैग क्रशर्स, 1 बाइंडिंग वायर यूनिट और 1 स्टील फर्नीचर इकाई बिना अनुमति संचालित पाई गईं।
कार्रवाई की जद में आने वाली इकाइयों में चंद्रमौली इंटरप्राइजेस (जैन ब्रिक्स), श्रीराम वॉयर्स, बसंत अग्रवाल, निशांत ट्रेडर्स (जैन ब्रिक्स यूनिट-2), भाईजी स्टील, भाईजी स्टील यूनिट-2, गुप्ता ट्रेडर्स (मौर्य ब्रिक्स), वीरेन्द्र शर्मा (देवेन्द्र कुमार पटेल), अमित सैनी (उमाशंकर साहू), रवि स्टील इंडस्ट्रीज (देवेन्द्र पटेल) और मयंक इंडस्ट्रीज (राहुल पटेल) शामिल हैं।

9.22 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति
मंडल ने केवल उत्पादन बंद नहीं कराया, बल्कि आर्थिक दंड भी लगाया है। उल्लंघन की अवधि को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख उद्योगों पर कुल 9 लाख 22 हजार रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित की गई है।
मानकों का पालन होने तक नहीं मिलेगी अनुमति
अधिकारियों ने साफ किया है कि जब तक संबंधित उद्योग पर्यावरणीय मानकों, वैधानिक प्रावधानों और स्वीकृति की शर्तों का पूर्ण पालन सुनिश्चित नहीं करते, तब तक संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। औद्योगिक क्षेत्रों में वायु और जल प्रदूषण पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें तैनात कर दी गई हैं।
