February 8, 2026

फॉरेंसिक लैब में लगी भीषण आग, 50 कंप्यूटर जलकर खाक, अहम सबूतों के नष्ट होने की आशंका

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हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) में भीषण आग लगने की बड़ी घटना सामने आई है. इस लैब में राज्य भर से जुड़े मामलों में एकत्र किए गए सबूत जांच के लिए रखे जाते हैं.

आग की इस घटना में कई चर्चित मामलों से जुड़े सबूत नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है. आग पर काबू पा लिया गया. आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस सभी दृष्टिकोणों से इसकी जांच में जुटी है.

यह घटना हैदराबाद के नामपल्ली में जी+2 बिल्डिंग की पहली मंजिल के एक कमरे में हुई, जहाँ अलग-अलग मामलों में जब्त किए गए सबूत रखे थे. अधिकारियों ने बताया कि आग में लगभग 40-50 कंप्यूटर जलकर खाक हो गए. नामपल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच कर रही है. वे यह पता लगा रहे हैं कि यह कोई हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश थी. इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, जिससे सबने राहत की सांस ली.

सुबह 10:30 बजे स्टाफ ने फॉरेंसिक लैब के कंप्यूटर रूम से घना धुआं निकलते देखा और वह तुरंत बाहर भाग निकला. एक ऑफिस बॉय ने आग बुझाने वाले यंत्र से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हुआ. जैसे-जैसे आग तेज होती गई और पूरे इलाके में घना धुआं फैल गया.

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और 108 एम्बुलेंस एफएसएल ऑफिस पहुंचे. 108 के स्टाफ ने ऑफिस बॉय को फर्स्ट एड दिया और उसे उस्मानिया हॉस्पिटल में भर्ती कराया. फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने छह फायर इंजनों की मदद से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.

फायर फाइटर्स के साथ-साथ एक रोबोटिक मशीन को भी मौके पर भेजा गया. जानकारी मिलने पर एफएसएल की डीजी शिखा गोयल, फायर डिपार्टमेंट डीजी विक्रम सिंह मान, हैदराबाद नॉर्थ रेंज की डीआईजी श्वेता रेड्डी, पुलिस कर्मियों के साथ घटना स्थल पर बचाव अभियान में शामिल हुए. शिखा गोयल ने एक बयान में कहा, ‘मामले से संबंधित संपत्ति और एफएसएल उपकरण सुरक्षित हैं, और हम नुकसान का जायजा ले रहे हैं.’

अग्निशमन विभाग के डीजी का बयान
अग्निशमन विभाग के डीजी विक्रम सिंह मान ने बताया,’जानकारी मिलने के पांच मिनट के अंदर पहली फायर इंजन घटना वाली जगह पर पहुंच गई थी. हमें शक है कि आग पहली मंजिल के एक कोने में बने कंप्यूटर रूम में स्विचबोर्ड में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी. क्योंकि यह घटना कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर इंजीनियर के कमरे में हुई, इसलिए कंप्यूटर, प्रिंटर, रिसर्च इक्विपमेंट, स्कैनर और फर्नीचर जल गए. मैं यह नहीं कह सकता कि केस के कौन से सबूत नष्ट हुए हैं.’

हैदराबाद जिला फायर डिपार्टमेंट के अधिकारी श्रीदास ने मीडिया पर कहा, ‘एफएसएल आग की घटना में 40 से 50 कंप्यूटर, लैपटॉप, कीमती हार्ड ड्राइव, डॉक्यूमेंट और पेन ड्राइव पूरी तरह से जल गए. केमिकल लैब का सारा सामान दूसरी मंजिल पर है. वहां कोई नुकसान नहीं हुआ.’

जब मीडिया प्रतिनिधियों ने खैराबाद डीसीपी शिल्पावल्ली से पूछा कि क्या एफएसएल स्टाफ से फोन टैपिंग केस के सबूतों के बारे में पूछताछ की गई, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘यह हमारी प्राथमिकता नहीं है. हमने पहले आग पर काबू पाने और अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश की.’

केस की जांच में FSL बहुत जरूरी है
एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) अलग-अलग केस की जांच में बहुत जरूरी भूमिका निभाती है. खून, बाल, फिंगरप्रिंट, हथियार, गोलियां, क्या डॉक्यूमेंट जाली हैं, डीएनए सैंपल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे सभी सबूतों की जांच लैब में की जाती है और रिपोर्ट तैयार की जाती है. ये सबूत कोर्ट के फैसलों में बहुत जरूरी होते हैं. इस घटना का केस की जांच पर कितना असर पड़ेगा, यह चिंता का विषय है.

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