छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले : नशे के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन, SOG के लिए 44 नए पद स्वीकृत, 9 अहम प्रस्तावों को मंजूरी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विकास और सुरक्षा नीति को नई दिशा देते हुए बुधवार को विष्णु देव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। इन फैसलों का सीधा असर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, युवाओं के रोजगार, डिजिटल सुविधाओं और शहरी जीवन पर पड़ने वाला है।
नशे के खिलाफ 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स
मंत्रिपरिषद ने मादक पदार्थों की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इस टास्क फोर्स का गठन रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा जिलों में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
एसओजी के लिए 44 नए पद स्वीकृत
कैबिनेट ने पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत SOG (Special Operation Group) के गठन के लिए 44 नए पदों को भी मंजूरी दी है। एसओजी एक विशेष प्रशिक्षित बल होगा, जो किसी भी बड़ी या अचानक घटने वाली घटना, आतंकी हमले या गंभीर सुरक्षा खतरे की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगा।
पायलट प्रशिक्षण के लिए फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन
राज्य में विमानन क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए मंत्रिपरिषद ने विभिन्न एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (FTO) की स्थापना को स्वीकृति दी है। यह संस्थान निजी सहभागिता से स्थापित किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे पायलट प्रशिक्षण के साथ-साथ एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर बनेंगे।
छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दी है। इस नीति से राज्य में स्टार्टअप ईकोसिस्टम, इन्क्यूबेटर्स और अन्य हितधारकों का विकास होगा। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख नवाचार केंद्रों में शामिल करना है। इससे स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होगा और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
35 आवासीय कॉलोनियां नगरीय निकायों को सौंपी जाएंगी
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित 35 पूर्ण हो चुकी आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया है। इससे कॉलोनीवासियों को पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी और दोहरा रखरखाव शुल्क देने की समस्या से राहत मिलेगी।
नवा रायपुर में बहुमंजिला शासकीय भवन
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगम-मंडलों के लिए एक वृहद बहुमंजिला भवन के निर्माण का निर्णय लिया है। इससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और विभिन्न विभाग एक ही परिसर में संचालित हो सकेंगे।
सिरपुर और अरपा क्षेत्र के लिए कलेक्टर को अधिकार
मंत्रिपरिषद ने सिरपुर और अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिलों के कलेक्टरों को सौंप दिया है। यहां भूमि आबंटन ₹1 प्रीमियम और भू-भाटक पर किया जाएगा, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।
छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति लागू
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति को लागू करने की स्वीकृति दी है। इसके तहत राज्य के सभी विभाग केवल भारत सरकार द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं से ही सेवाएं लेंगे। इस नीति से आईटी लागत में कमी, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता और 24×7 नागरिक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
मोबाइल टावर योजना को मंजूरी
डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए मंत्रिपरिषद ने मोबाइल टावर योजना को मंजूरी दी है। इस योजना से नेटवर्क विहीन और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे ई-गवर्नेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, डायल 112 जैसी सेवाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों तक आसान होगी और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
