CG : मनरेगा और धान खरीदी पर कांग्रेस का हल्लाबोल, दुर्ग से बस्तर तक प्रदर्शन, बालोद में अर्धनग्न होकर चक्काजाम
दुर्ग/बालोद। केंद्र की मोदी सरकार की नई योजना VB-जी राम जी के खिलाफ कांग्रेस लगातार प्रदर्शन कर रही है. ये योजना मनरेगा की जगह लाई गई. इस पर कांग्रेस का आरोप है कि यह सिर्फ नाम बदलने का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीण मजदूरों से रोजगार की गारंटी छीनने की साजिश है. इसी कड़ी में 30 जनवरी, महात्मा गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम किया. बालोद और दुर्ग में भी कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे.
बालोद जिले में चक्काजाम
कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ आंदोलन और धान खरीदी में कथित लापरवाही के खिलाफ बालोद में चक्काजाम किया. किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराए जाने और धान खरीदी में अव्यवस्था का आरोप कांग्रेस ने लगाया. प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई स्टेट हाईवे जाम रहे. जिले के तीनों विधायक और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष खुद सड़क पर उतरकर आंदोलन की अगुवाई करते नजर आए.
लाटाबोड़ में अर्धनग्न प्रदर्शन
बालोद के लाटाबोड़ क्षेत्र में प्रदर्शन ने काफी उग्र रूप भी लिया. आक्रोशित कांग्रेसी नेताओं ने शर्ट उतारकर अर्धनग्न अवस्था में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. मौके पर मौजूद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और आश्वासन दिया, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त कर यातायात बहाल कराया गया.
कांग्रेस सरकार के समय मनरेगा के तहत 100 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी थी. अब नाम बदलकर नई योजना लाई जा रही है, लेकिन उसमें कोई गारंटी नहीं है. भले ही 125 दिन रोजगार की बात कही जा रही हो, लेकिन यह सिर्फ दिखावा है.- संगीता सिन्हा, विधायक
सरकार सिर्फ योजनाओं के नाम बदल रही है. मनरेगा का नाम बदलकर उसे खत्म करने की साजिश रची जा रही है. किसान इतनी परेशानी में हैं कि अगली फसल उगाने को लेकर भी सोचने को मजबूर हैं.- चंद्रेश हिरवानी, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष
भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही सिर्फ नाम बदलने का काम किया है. मनरेगा के ढांचे में बदलाव सुधार नहीं बल्कि योजना को कमजोर करने की कोशिश है.- पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा
धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग
विधायक संगीता सिन्हा ने धान खरीदी की वर्तमान तिथि बढ़ाने की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि कई किसान अब तक धान नहीं बेच पाए हैं. सरकारी कर्मचारी धान को खराब बताकर खरीदी से मना कर रहे हैं और कई जगह किसानों को टोकन तक नहीं दिया गया.
दुर्ग जिले में भी हाईवे पर धरना-प्रदर्शन
कांग्रेस के आह्वान पर पूरे देश में जिला स्तर पर आंदोलन किया गया. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जामुल और अंडा क्षेत्र में हाईवे पर 10 से 15 मिनट तक धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा. कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर फैसले वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. कांग्रेस ने साफ कहा कि सरकार अगर अब भी नहीं चेती तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा.
किसान और मजदूर लगातार परेशान हो रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है. रोजगार, धान खरीदी और मजदूरी भुगतान जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है. – सरोजिनी चंद्राकर, कांग्रेस नेता
पहले 150 दिन काम की गारंटी थी- चंद्रशेखर शर्मा
कांग्रेस नेता चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से शुरू की गई इस योजना के तहत पहले 150 दिन काम की गारंटी दी जाती थी, जिससे ग्रामीण मजदूरों और गरीब परिवारों को बड़ा लाभ मिलता था. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सुनियोजित तरीके से इस योजना को कमजोर करने और बंद करने का प्रयास किया है.
किसानों से भी हो रहा छलावा
कांग्रेस का आरोप है कि किसानों के साथ भी लगातार छल किया जा रहा है. टोकन सत्यापन में परेशानी हो रही है और धान खरीदी प्रक्रिया भी प्रभावित है. कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि धान खरीदी व्यवस्था को सरल बनाया जाए और किसानों को राहत दी जाए.
बस्तर में भी प्रदर्शन, SDM को ज्ञापन सौंपा
बस्तर के कई किसान अपने फसल को खरीदी केंद्रों में नहीं बेच पाए हैं. कारण किसानों का एग्रिस्टेक और टोकन नहीं मिलना सहित अन्य शामिल हैं. खरीदी की तिथि नहीं बढ़ते देख आज एक बार फिर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया. आड़ावाल और तोकापाल सड़क पर चक्काजाम किया गया. जिसके बाद राज्यपाल के नाम SDM को ज्ञापन सौंपा गया.
चुनाव के दौरान भाजपा ने जनता से कहा था सत्ता में आकर किसानों का एक-एक दाना खरीदेंगे. लेकिन बस्तर में किसान परेशान हैं कभी तहसीलदार के कार्यालय, कभी धान खरीदी केंद्र, कभी विधायक और कभी सांसद का दरवाजा खटखटा रहा है. किसानों की सुनवाई नहीं हो रही है- कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि किसानो ने कर्जा लिया है ऐसी स्थिति में बिना धान बेचे ऋण चुका नहीं पाएंगे. बीते दिनों अनुराग चंदेल नामक किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो गया. ऐसी स्थिति बस्तर में भी निर्मित हो रही है. बस्तर के SDM, कलेक्टर, विधायक और सांसद अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं.
धमतरी में भी सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
धमतरी जिले में भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने 5 अलग अलग जगहों पर चक्काजाम किया. प्रदर्शन कर कांग्रेसियों ने मांग की है कि सरकार किसानों का एक-एक दाना धान खरीदे और अपने घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करें. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धान खरीदने में विफल रही है, जिससे कई किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.
