January 16, 2026

CGMSC घोटाले में ‘मनी ट्रेल’ पर ED का शिकंजा : शशांक चौपड़ा 22 जनवरी तक ED की हिरासत में, बाकी आरोपियों की भी बढ़ सकतीं हैं मुश्किलें

CGMSC

रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन CGMSC के घोटाले में ED ने कार्रवाई की रफ्तार बढ़ा दी है। जेल में बंद शशांक चौपड़ा को ED ने 22 जनवरी तक कस्टोडियल रिमांड पर लिया है। ED अब शशांक चौपड़ा से मनी ट्रेल, टेंडर प्रक्रिया और घोटाले से जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर गहरी पूछताछ करेगी।

शशांक चौपड़ा मास्टरमाइंड मान रही है ED
ED अधिकारियों के मुताबिक शशांक चौपड़ा इस घोटाले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। वह मोक्षित कॉर्पोरेशन को कहलाता है ,साथ ही CGMSC के कई अहम टेंडरों और सप्लाई से सीधे तौर पर जुड़ा रहा है। दरअसल, जांच एजेंसी का शक है कि सरकारी धन की बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई है।

मनी ट्रेल पर फोकस
सूत्रों के अनुसार पूछताछ में टेंडर में गड़बड़ी, कमीशनखोरी, फर्जी सप्लाई, ओवररेटिंग और काले धन के नेटवर्क जैसे मुद्दों पर सवाल किए जाएंगे। ED यह जानने की कोशिश करेगी कि घोटाले की रकम किन माध्यमों से कहां भेजी गई।

कोर्ट से मिली रिमांड
बुधवार को ED के अधिकारी विशेष कोर्ट पहुंचे और शशांक चौपड़ा की कस्टोडियल रिमांड मांगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद अब ED सीधे पूछताछ कर रही है।

बढ़ सकती हैं अन्य आरोपियों की मुश्किलें
बता दें, शशांक चौपड़ा से पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। जिससे घोटाले में शामिल अफसरों, सप्लायर्स और बिचौलियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ED की सख्ती से साफ है कि CGMSC घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या समन जारी होने की उम्मीद है।

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